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महिला को बेटी पैदा करना अभिशाप बना
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:04 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नाम पर मोटी धनराशि खर्च कर रही है। वहीं बड़का गांव में एक महिला को लगातार दो लड़कियों को जन्म देना अभिशाप बना। ससुराल वालों ने बेटी होने पर उसे घोर यातनाएं दी और गला दबाकर मारने की कोशिश की। किसी तरह वह वहां से भागकर निकली और कोतवाली में ससुराल वालों के खिलाफ तहरीर दी।
पीड़ित महिला साजिदा पुत्री कालू तितरौदा गांव की रहने वाली है। उसकी शादी पांच साल पहले बड़का गांव के राशिद पुत्र जमील के साथ हुई। एक साल पहले उसने बेटी को जन्म दिया । एक माह पहले फिर उसने एक बेटी को जन्म दिया। दो बेटी होने पर ससुराल वालों को नागवार गुजरा और वे उसे पहले ताने देने लगे। मंगलवार की रात में उसके जेठ, सास, जेठानी ने कहा तू बार-बार बेटी पैदा कर रही है। अब हम तुझे अपने पास नहीं रखेंगे। पूरी रात उन्होंने उसे घोर यातनाएं दी और गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की। किसी तरह वह वहां से अपनी जान बचाकर भागी और एक घर में शरण ली। बुधवार को वह कोतवाली पहुंची और सुसराल वालों के खिलाफ तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी।
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सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नाम पर मोटी धनराशि खर्च कर रही है। वहीं बड़का गांव में एक महिला को लगातार दो लड़कियों को जन्म देना अभिशाप बना। ससुराल वालों ने बेटी होने पर उसे घोर यातनाएं दी और गला दबाकर मारने की कोशिश की। किसी तरह वह वहां से भागकर निकली और कोतवाली में ससुराल वालों के खिलाफ तहरीर दी।
पीड़ित महिला साजिदा पुत्री कालू तितरौदा गांव की रहने वाली है। उसकी शादी पांच साल पहले बड़का गांव के राशिद पुत्र जमील के साथ हुई। एक साल पहले उसने बेटी को जन्म दिया । एक माह पहले फिर उसने एक बेटी को जन्म दिया। दो बेटी होने पर ससुराल वालों को नागवार गुजरा और वे उसे पहले ताने देने लगे। मंगलवार की रात में उसके जेठ, सास, जेठानी ने कहा तू बार-बार बेटी पैदा कर रही है। अब हम तुझे अपने पास नहीं रखेंगे। पूरी रात उन्होंने उसे घोर यातनाएं दी और गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की। किसी तरह वह वहां से अपनी जान बचाकर भागी और एक घर में शरण ली। बुधवार को वह कोतवाली पहुंची और सुसराल वालों के खिलाफ तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी।
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