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बागपत जेल की तन्हाई में तन्हा सुनील राठी
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:25 AM IST
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बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जिला कारागार की नौ तन्हाई बैरक खाली करा दी गई है। एक बैरक में अकेला सुनील राठी रह रहा है। जेल प्रबंधन ने बंदियों के बीच झगड़े या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए यह फैसला किया। यह भी आशंका थी कि कहीं बंदी कोई दूसरी साजिश न रच दें।
जेल में सुनील राठी, विक्की सुन्हेड़ा समेत दस बंदियों को तन्हाई बैरक में रखा गया था। सोमवार सुबह मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से जेल प्रबंधन ने राठी के अलावा अन्य तन्हाई बैरक खाली करा दी है। विक्की सुन्हेड़ा समेत अन्य बंदियों को सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। जेल प्रबंधन को आशंका था कि बंदियों के गुटों के बीच झगड़ा हो सकता है। यह भी आशंका थी कि कहीं बंदी कोई साजिश न रच रहे हों, जिसके चलते तन्हाई बैरक खाली करा दी गई है। दस में से नौ बैरक खाली हैं और एक बैरक में सुनील राठी को रखा गया है। डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
जेल में डटे डीआईजी, बैरकों की कराई चेकिंग
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी बागपत जेल में डटे हैं। बृहस्पतिवार को भी डीआईजी ने जेल में चेकिंग अभियान चलवाया। मेरठ रेंज का उनके पास अतिरिक्त प्रभार है। उन्होंने बताया कि बैरकों की चेकिंग कराई गई है। किसी तरह का प्रतिबंधित सामान नहीं मिला है।
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राठी को शिफ्ट करने का आदेश नहीं पहुंचा
बागपत। डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने बताया कि देर शाम तक सुनील राठी को किसी अन्यत्र जेल में शिफ्ट करने का आदेश नहीं पहुंचा है। 31 जुलाई 2017 को राठी को रुड़की से बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था। जिला कारागार प्रशासन ने राठी को शिफ्ट करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। जल्द ही इस पर आदेश जिला जेल तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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जेल में सुनील राठी, विक्की सुन्हेड़ा समेत दस बंदियों को तन्हाई बैरक में रखा गया था। सोमवार सुबह मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से जेल प्रबंधन ने राठी के अलावा अन्य तन्हाई बैरक खाली करा दी है। विक्की सुन्हेड़ा समेत अन्य बंदियों को सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। जेल प्रबंधन को आशंका था कि बंदियों के गुटों के बीच झगड़ा हो सकता है। यह भी आशंका थी कि कहीं बंदी कोई साजिश न रच रहे हों, जिसके चलते तन्हाई बैरक खाली करा दी गई है। दस में से नौ बैरक खाली हैं और एक बैरक में सुनील राठी को रखा गया है। डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
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जेल में डटे डीआईजी, बैरकों की कराई चेकिंग
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी बागपत जेल में डटे हैं। बृहस्पतिवार को भी डीआईजी ने जेल में चेकिंग अभियान चलवाया। मेरठ रेंज का उनके पास अतिरिक्त प्रभार है। उन्होंने बताया कि बैरकों की चेकिंग कराई गई है। किसी तरह का प्रतिबंधित सामान नहीं मिला है।
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राठी को शिफ्ट करने का आदेश नहीं पहुंचा
बागपत। डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने बताया कि देर शाम तक सुनील राठी को किसी अन्यत्र जेल में शिफ्ट करने का आदेश नहीं पहुंचा है। 31 जुलाई 2017 को राठी को रुड़की से बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था। जिला कारागार प्रशासन ने राठी को शिफ्ट करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। जल्द ही इस पर आदेश जिला जेल तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।