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जवान योगेंद्र हत्याकांड की कराई जाए उच्च स्तरीय जांच
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बागपत। थाना क्षेत्र के निबाली गांव के सीआरपीएफ के जवान योगेंद्र शर्मा की उधमपुर में गोली मारकर हत्या करने के मामले की परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की। परिजनों ने कहा कि आधिकारिक तौर पर आरोपी के मरने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी जिंदा भी हो सकता है। किसी साजिश के तहत जवान की हत्या की गई है।
निबाली गांव निवासी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उसका भाई योगेंद्र शर्मा सीआरपीएफ की 187 बटालियन का जवान था। जम्मू कश्मीर के उधमपुर में 20 मार्च को कांस्टेबल अजीत कुमार निवासी कानपुर ने हेड कांस्टेबल योगेंद्र शर्मा समेत तीन जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें जानकारी मिली थी कि आरोपी ने हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। परिजनों ने बताया कि आरोपी ने सोची समझी साजिश के तहत तीनों जवानों की हत्या की है। तीनों जवान अपने-अपने कमरे में थे। आरोपी ने उनके कमरे में घुसकर हत्या की। आरोपी के मरने की पुष्टि भी किसी अधिकारी ने अभी तक नहीं की। उसका शव तक नहीं दिखाया है। आरोपी जिंदा भी हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को निबाली गांव में जवान योगेंद्र शर्मा की शोक सभा होगी।
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निबाली गांव निवासी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उसका भाई योगेंद्र शर्मा सीआरपीएफ की 187 बटालियन का जवान था। जम्मू कश्मीर के उधमपुर में 20 मार्च को कांस्टेबल अजीत कुमार निवासी कानपुर ने हेड कांस्टेबल योगेंद्र शर्मा समेत तीन जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें जानकारी मिली थी कि आरोपी ने हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। परिजनों ने बताया कि आरोपी ने सोची समझी साजिश के तहत तीनों जवानों की हत्या की है। तीनों जवान अपने-अपने कमरे में थे। आरोपी ने उनके कमरे में घुसकर हत्या की। आरोपी के मरने की पुष्टि भी किसी अधिकारी ने अभी तक नहीं की। उसका शव तक नहीं दिखाया है। आरोपी जिंदा भी हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को निबाली गांव में जवान योगेंद्र शर्मा की शोक सभा होगी।
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