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खेड़ा हटाना के लोगों का कोतवाली में प्रदर्शन
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:44 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
खेड़ा-हटाना गांव में पूर्व सैनिक के बेटे ओमवीर की हत्या के मामले में झूठी नामजदगी और दस दिन से दो होमगार्ड सहित चार युवकों को कोतवाली पुलिस के बैठाने के विरोध गांव की महिलाओं और पुरुषों ने कोतवाली का घेराव किया। इस दौरान महिला कोतवाली में धरना देकर बैठ गई। इस दौरान ग्रामीणों की कोतवाल से नोकझोंक हुई। बाद में कोतवाल ने कहा हत्या के मामले में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। तब जाकर आंदोलनकारी ग्रामीण शांत पड़े।
पूर्व सैनिक राजपाल का बेटा ओमबीर दो मार्च से लापता था। उसका शव गांव के ही बस स्टैंड पर तीन दिन पहले एक कुएं में पड़ा मिला था। इसको लेकर पूर्व सैनिक के पक्ष के लोगों ने कोतवाली में प्रदर्शन कर चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था और पुलिस ने तहरीर लेकर दो होमगार्ड सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। इसके विरोध में गांव के काफी संख्या में महिला और पुरुष बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे और हंगामा कर कोतवाल का घेराव किया। इसी दौरान महिलाएं भी कोतवाली में धरना देकर बैठ गई। ग्रामीणों ने कहा ओमबीर की हत्या में परिजनों का ही हाथ है और गांव के बिट्टू और राजेंद्र होमगार्ड है। कर्णपाल और सतेंद्र के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और पुलिस उन्हें दस दिन से कोतवाली में बैठाई हुई है। इस दौरान कोतवाल अरविंद कुमार की ग्रामीणों से नोकझोंक भी हुई। काफी समय बाद कोतवाल ने आश्वासन दिया ओमवीर की हत्या के आरोप में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। इसकी जांच कराई जा रही है। इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारी ग्रामीण शांत पड़े। इस दौरान सतबीर, सुरेंद्र, संजीव, नरेंद्र, दिलराज, अजय, प्रेम, बस्ती, राम कुमार, राजबीर, अभयराम आदि रहे।
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खेड़ा-हटाना गांव में पूर्व सैनिक के बेटे ओमवीर की हत्या के मामले में झूठी नामजदगी और दस दिन से दो होमगार्ड सहित चार युवकों को कोतवाली पुलिस के बैठाने के विरोध गांव की महिलाओं और पुरुषों ने कोतवाली का घेराव किया। इस दौरान महिला कोतवाली में धरना देकर बैठ गई। इस दौरान ग्रामीणों की कोतवाल से नोकझोंक हुई। बाद में कोतवाल ने कहा हत्या के मामले में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। तब जाकर आंदोलनकारी ग्रामीण शांत पड़े।
पूर्व सैनिक राजपाल का बेटा ओमबीर दो मार्च से लापता था। उसका शव गांव के ही बस स्टैंड पर तीन दिन पहले एक कुएं में पड़ा मिला था। इसको लेकर पूर्व सैनिक के पक्ष के लोगों ने कोतवाली में प्रदर्शन कर चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था और पुलिस ने तहरीर लेकर दो होमगार्ड सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। इसके विरोध में गांव के काफी संख्या में महिला और पुरुष बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे और हंगामा कर कोतवाल का घेराव किया। इसी दौरान महिलाएं भी कोतवाली में धरना देकर बैठ गई। ग्रामीणों ने कहा ओमबीर की हत्या में परिजनों का ही हाथ है और गांव के बिट्टू और राजेंद्र होमगार्ड है। कर्णपाल और सतेंद्र के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और पुलिस उन्हें दस दिन से कोतवाली में बैठाई हुई है। इस दौरान कोतवाल अरविंद कुमार की ग्रामीणों से नोकझोंक भी हुई। काफी समय बाद कोतवाल ने आश्वासन दिया ओमवीर की हत्या के आरोप में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। इसकी जांच कराई जा रही है। इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारी ग्रामीण शांत पड़े। इस दौरान सतबीर, सुरेंद्र, संजीव, नरेंद्र, दिलराज, अजय, प्रेम, बस्ती, राम कुमार, राजबीर, अभयराम आदि रहे।
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