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जिला अस्पताल में युवक का शव मिला
Updated Sun, 07 Oct 2018 01:10 AM IST
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बागपत।
जिला अस्पताल परिसर में युवक का शव से मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की। शिनाख्त न होने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की जेब से अस्पताल की पर्ची मिली है। पुलिस ने मृतक के परिजनों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिया है।
जिला अस्पताल के प्रांगण में शनिवार की सुबह आठ बजे के लगभग पेड़ के नीचे युवक का शव पड़ा हुआ था। कर्मचारियों ने चिकित्सकों को इसकी जानकारी दी। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर शव को देखा। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि शव पूरी तरह से अकड़ा हुआ है। युवक की करीब 6-7 घंटे पहले मौत हो चुकी है। उसकी औसतन उम्र 30 वर्ष के लगभग है। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन शिनाख्त न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की जेब से अस्पताल की पर्ची मिली है। पर्ची पर पांच अक्तूबर की तारीख है। उस पर सुभाष पुत्र जयपाल निवासी बागपत लिखा है। पर्ची पर चिकित्सक ने बुखार की दवा के नाम लिखे हैं। पुलिस ने बागपत में उसके घर का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि पर्ची से इतना तो साफ हो गया है कि मृतक बागपत जिले का ही रहने वाला था, लेकिन उसके घर का सही पता नहीं लग पाया है। उन्होंने सभी थानों को इसके बारे में सूचना दे दी। जल्दी ही उसके घर का पता लगा लिया जाएगा।
पर्ची पर नहीं लिखते मरीज का पूरा पता
बागपत। जिला अस्पताल के कर्मचारियों के कारण मृतक युवक की शिनाख्त नहीं हुई। कर्मचारी पर्ची बनाते समय मरीज का न तो सही पता लिखते हैं और न ही कोई फोन नंबर। जबकि कर्मचारियों को मरीज से आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेनी चाहिए। इसके बाद ही पर्ची दी जाए। यदि मृतक युवक का कर्मचारियों ने सही पता लिखा होता तो शायद उसके घर का पता चल जाता। इस संबंध में सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 2000 तक मरीज आते हैं। दो खिड़कियों पर पर्ची बनाई जाती है। कर्मचारी जल्दी-जल्दी में सही पता नहीं लिख पाते। वे कर्मचारियों को निर्देशित करेंगे कि मरीज का पूरा पता पर्ची पर लिखा जाए।
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जिला अस्पताल परिसर में युवक का शव से मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की। शिनाख्त न होने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की जेब से अस्पताल की पर्ची मिली है। पुलिस ने मृतक के परिजनों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिया है।
जिला अस्पताल के प्रांगण में शनिवार की सुबह आठ बजे के लगभग पेड़ के नीचे युवक का शव पड़ा हुआ था। कर्मचारियों ने चिकित्सकों को इसकी जानकारी दी। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर शव को देखा। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि शव पूरी तरह से अकड़ा हुआ है। युवक की करीब 6-7 घंटे पहले मौत हो चुकी है। उसकी औसतन उम्र 30 वर्ष के लगभग है। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन शिनाख्त न होने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की जेब से अस्पताल की पर्ची मिली है। पर्ची पर पांच अक्तूबर की तारीख है। उस पर सुभाष पुत्र जयपाल निवासी बागपत लिखा है। पर्ची पर चिकित्सक ने बुखार की दवा के नाम लिखे हैं। पुलिस ने बागपत में उसके घर का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि पर्ची से इतना तो साफ हो गया है कि मृतक बागपत जिले का ही रहने वाला था, लेकिन उसके घर का सही पता नहीं लग पाया है। उन्होंने सभी थानों को इसके बारे में सूचना दे दी। जल्दी ही उसके घर का पता लगा लिया जाएगा।
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पर्ची पर नहीं लिखते मरीज का पूरा पता
बागपत। जिला अस्पताल के कर्मचारियों के कारण मृतक युवक की शिनाख्त नहीं हुई। कर्मचारी पर्ची बनाते समय मरीज का न तो सही पता लिखते हैं और न ही कोई फोन नंबर। जबकि कर्मचारियों को मरीज से आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेनी चाहिए। इसके बाद ही पर्ची दी जाए। यदि मृतक युवक का कर्मचारियों ने सही पता लिखा होता तो शायद उसके घर का पता चल जाता। इस संबंध में सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 2000 तक मरीज आते हैं। दो खिड़कियों पर पर्ची बनाई जाती है। कर्मचारी जल्दी-जल्दी में सही पता नहीं लिख पाते। वे कर्मचारियों को निर्देशित करेंगे कि मरीज का पूरा पता पर्ची पर लिखा जाए।
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