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पाबला में विद्युत लाइन का काम रूकवाने पर 28 किसानों पर मुकदमा
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:22 AM IST
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बागपत। हरसिया बिजलीघर की लाइन का पाबला बेगमाबाद गांव के किसानों ने सोमवार को भी कार्य रुकवा दिया। इस दौरान किसानों ने हंगामा किया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से नोकझोंक हुई। निगम के कर्मचारियों ने गाली-गलौज कर कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाकर 28 किसानों पर मुकदमा दर्ज कराया । इनमें से 13 किसान नामजद हैं।
बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने के लिए खंभे खड़े किए जा रहे हैं। पाबला बेगमाबाद गांव के किसानों ने उचित मुआवजा न देने का आरोप लगाकर 8 दिसंबर को लाइन का कार्य रुकवा दिया था। पता चलने पर वहां पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को किसानों ने वापस लौटा दिया था। सोमवार को विद्युत निगम (ट्रांसमिशन) ने पुलिस की मौजूदगी में दोबारा कार्य शुरू किया। थोड़ी देर बाद ही किसानों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान बागपत एसडीएम विवेक कुमार सिंह और सीओ दिलीप सिंह से उनकी नोकझोंक हुई। इस दौरान एक महिला बेहोश भी हो गई । किसानों का हंगामा देखकर अफसर लौट आए । निगम के अवर अभियंता राजेश कुमार पटवा ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा पाबला में साढ़े 11 बजे लाइन निर्माण का काम शुरू किया। करीब एक बजे किसानों ने मौके पर पर पहुंचकर कार्य बंद करा दिया और उनके साथ गाली-गलौज की गई और बलवा करने की कोशिश की गई। उनकी तहरीर पर किसान विष्णु और सत्यवीर पुत्र समरू, महाराज पुत्र हरचंद्र, रवि पुत्र ज्ञानू, एकराम पुत्र टेकचंद, नेपाल पुत्र ज्ञानू, रूगम पुत्र कालू, विक्रम पुत्र जगमाल, सुरेश पुत्र कालू, लीलू पुत्र जगपाल, गज्जू पुत्र तोफा, देवेंद्र पुत्र मांगे, सत्यपाल और 10-15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने कहा केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी। उधर किसानों ने कहा इस समस्या के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी से मिला जाएगा।
एक किसान मिट्टी के तेल की केन लेकर दौड़ा
बागपत। हंगामा के दौरान एक किसान मिट्टी के तेल की केन लेकर दौड़ पड़ा। उसका कहना था कि वह आत्मदाह करेगा। इससे पुलिस-प्रशासन के अफसर टेंशन में आ गए। लोगों ने किसी तरह उसको समझा-बुझाकर शांत किया।
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अहैड़ा के किसानों पर भी हुए थे मुकदमे
बागपत। अहैड़ा के किसानों ने भी लाइन का कार्य रुकवा दिया था। निगम के अफसरों ने दो बार किसानों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। किसानों ने 18 दिन तक धरना भी दिया था।
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बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने के लिए खंभे खड़े किए जा रहे हैं। पाबला बेगमाबाद गांव के किसानों ने उचित मुआवजा न देने का आरोप लगाकर 8 दिसंबर को लाइन का कार्य रुकवा दिया था। पता चलने पर वहां पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को किसानों ने वापस लौटा दिया था। सोमवार को विद्युत निगम (ट्रांसमिशन) ने पुलिस की मौजूदगी में दोबारा कार्य शुरू किया। थोड़ी देर बाद ही किसानों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान बागपत एसडीएम विवेक कुमार सिंह और सीओ दिलीप सिंह से उनकी नोकझोंक हुई। इस दौरान एक महिला बेहोश भी हो गई । किसानों का हंगामा देखकर अफसर लौट आए । निगम के अवर अभियंता राजेश कुमार पटवा ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा पाबला में साढ़े 11 बजे लाइन निर्माण का काम शुरू किया। करीब एक बजे किसानों ने मौके पर पर पहुंचकर कार्य बंद करा दिया और उनके साथ गाली-गलौज की गई और बलवा करने की कोशिश की गई। उनकी तहरीर पर किसान विष्णु और सत्यवीर पुत्र समरू, महाराज पुत्र हरचंद्र, रवि पुत्र ज्ञानू, एकराम पुत्र टेकचंद, नेपाल पुत्र ज्ञानू, रूगम पुत्र कालू, विक्रम पुत्र जगमाल, सुरेश पुत्र कालू, लीलू पुत्र जगपाल, गज्जू पुत्र तोफा, देवेंद्र पुत्र मांगे, सत्यपाल और 10-15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने कहा केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी। उधर किसानों ने कहा इस समस्या के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी से मिला जाएगा।
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एक किसान मिट्टी के तेल की केन लेकर दौड़ा
बागपत। हंगामा के दौरान एक किसान मिट्टी के तेल की केन लेकर दौड़ पड़ा। उसका कहना था कि वह आत्मदाह करेगा। इससे पुलिस-प्रशासन के अफसर टेंशन में आ गए। लोगों ने किसी तरह उसको समझा-बुझाकर शांत किया।
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अहैड़ा के किसानों पर भी हुए थे मुकदमे
बागपत। अहैड़ा के किसानों ने भी लाइन का कार्य रुकवा दिया था। निगम के अफसरों ने दो बार किसानों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। किसानों ने 18 दिन तक धरना भी दिया था।