{"_id":"59f8cf094f1c1bd0538ba6e4","slug":"111509478153-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दाखिल-खारिज पर रोक से अधिवक्ताओं में रोष","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दाखिल-खारिज पर रोक से अधिवक्ताओं में रोष
Updated Wed, 01 Nov 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि भूमि से दाखिल- खारिज पर रोक से अधिवक्ताओं में रोष
बड़ौत (बागपत)। रेवेन्यू बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार द्वारा दाखिल खारिज रोके जाने की निंदा की और निर्णय लिया कि जब तक तहसीलदार कृषि भूमि बैनामों के दाखिल-खारिज नहीं किए जाते तब तक अधिवक्ता तहसीलदार के न्यायालय में न्यायिक कार्य नहीं करेगें।
बार अध्यक्ष वेदपाल सिंह की अध्यक्षता एवं आंनद तोमर के संचालन में हुई बैठक में तहसीलदार द्वारा कृषि भूमि के बैनामों की दाखिल खारिज न किये जाने के संबंध में अधिवक्ताओं के विचार मांगे गए। सभी अधिवक्ताओं द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड के दाखिल-खारिज नहीं किए जाने के संबंध में अपने विचार रखे। किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंकों द्वारा दिया गया ऋण की श्रेणी में नहीं आता। यह सुविधा किसानों को दी जाती है। यह एक फसली ऋण है और किसानों की लिमिट है। इसकी एंट्री खतौनी में की जाती है। यह भी गलत तरीके से की जा रही है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि जिसका हवाला देकर दाखिल-खारिज रोके जा रहे हैं। अधिवक्ता तहसील बडौत के द्वारा रोके जाने की निंदा की और निर्णय लिया कि जब तक तहसीलदार द्वारा कृषि भूमि के बैनामों के दाखिल खारिज नहीं किये जाते तक तब अधिवक्ता तहसीलदार के न्यायालय के न्यायिक कार्य नहीं करेगें। इस अवसर पर विरेंद्र चौहान, धर्मवीर सिंह, ईश्वर सिंह, यशवीर चौहान, तेजवीर सिंह, श्याम सिंह, बलदेव अग्रवाल, ब्रहमपाल सिंह, पवन कुमार, कुलदीप तोमर, मनोज, राजकुमार, दिनेश मान, दीपक राठी, विनोद मान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)। रेवेन्यू बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार द्वारा दाखिल खारिज रोके जाने की निंदा की और निर्णय लिया कि जब तक तहसीलदार कृषि भूमि बैनामों के दाखिल-खारिज नहीं किए जाते तब तक अधिवक्ता तहसीलदार के न्यायालय में न्यायिक कार्य नहीं करेगें।
बार अध्यक्ष वेदपाल सिंह की अध्यक्षता एवं आंनद तोमर के संचालन में हुई बैठक में तहसीलदार द्वारा कृषि भूमि के बैनामों की दाखिल खारिज न किये जाने के संबंध में अधिवक्ताओं के विचार मांगे गए। सभी अधिवक्ताओं द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड के दाखिल-खारिज नहीं किए जाने के संबंध में अपने विचार रखे। किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंकों द्वारा दिया गया ऋण की श्रेणी में नहीं आता। यह सुविधा किसानों को दी जाती है। यह एक फसली ऋण है और किसानों की लिमिट है। इसकी एंट्री खतौनी में की जाती है। यह भी गलत तरीके से की जा रही है।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने कहा कि जिसका हवाला देकर दाखिल-खारिज रोके जा रहे हैं। अधिवक्ता तहसील बडौत के द्वारा रोके जाने की निंदा की और निर्णय लिया कि जब तक तहसीलदार द्वारा कृषि भूमि के बैनामों के दाखिल खारिज नहीं किये जाते तक तब अधिवक्ता तहसीलदार के न्यायालय के न्यायिक कार्य नहीं करेगें। इस अवसर पर विरेंद्र चौहान, धर्मवीर सिंह, ईश्वर सिंह, यशवीर चौहान, तेजवीर सिंह, श्याम सिंह, बलदेव अग्रवाल, ब्रहमपाल सिंह, पवन कुमार, कुलदीप तोमर, मनोज, राजकुमार, दिनेश मान, दीपक राठी, विनोद मान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन