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अवैध तरीके से बन रहे और बिक रहे पटाखे
Updated Fri, 02 Nov 2018 01:32 AM IST
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बागपत। जिले में कई कस्बे और गांवों के लोग बारूद के ढेर पर हैं। दीपावली के लिए बड़ी मात्रा में घनी आबादी के बीच पटाखों का भंडारण है। कई जगहों पर बगैर लाइसेंस के अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पटाखे बनाने का सबसे बड़ा कारोबार बड़ौत क्षेत्र में चल रहा है।
शहर से लेकर गांव तक दीवाली पर पटाखों की बिक्री होती है। दीपावाली का त्योहार करीब आ रहा है। इसको लेकर ज्यादातर पटाखा निर्माता अभी से ही तेज आवाज वाले पटाखे बनाने के साथ ही उनका भंडारण करने लगे हैं। पटाखों को अपने घर या फिर घनी आबादी में चोरी छिपे बनाने के साथ ही गोदामों में बारूद एकत्रित किया जाता है। पुलिस से बचने के चक्कर में दिन में गोदाम में ताला लटकाकर चले जाते हैं। रात होते ही तैयार पटाखों को गोदाम में रखने लगते हैं। इस बात की जानकारी लोगों को होती है, लेकिन सभी अंजान बने रहते हैं। पटाखा गोदाम के पास रहने वाले लोग सहमे रहते हैं। पूर्व में कई बार पटाखा गोदामों में आग लग चुकी है। इसके बाद भी परिवार के लोगों रिस्क लेकर कारोबार चला रहे हैं। पटाखा बनाने वालों में प्रशासनिक अधिकारियों का भय भी नहीं है, क्योंकि बड़ा हादसा होने के बाद सिस्टम की नींद खुलती है।
यहां पर बनाए जाते हैं पटाखे
बागपत। शहर के मोहल्ला मुगलपुरा, ठाकुरद्वारा, पुराना कस्बा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बड़ौत में मंडी घनश्याम गंज, महावीर मार्ग, पट्टी मेहर, मोहल्ला तिरगरान, बिजरौल रोड, जलालपुर गांव के पास, खेकड़ा में नई बस्ती कॉलोनी, जहांगीरपुर डूंडाहेड़ा, सुभाष नगर नई बस्ती, हसनपुर मसूरी, छपरौली, दोघट, दत्तनगर, बिनौली, अमीनगर सराय, बालैनी समेत अन्य जगह पटाखे बनाए जाते हैं। वर्तमान समय में अधिकांश लोग घरों में पटाखों का स्टॉक कर रहे हैं।
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क्या है नियम
बागपत। पटाखा निर्माताओं को लाइसेंस जारी करते समय उनसे शपथ पत्र लिया जाता है। शपथ पत्र में यह देना होता कि उनका गोदाम कहां बनाया गया है। जिन स्थानों पर पटाखा बनाया जाएंगे, वहां गोदाम नहीं होगा। गोदाम को घनी आबादी से करीब एक से डेढ़ किमी दूर बनाने के निर्देश दिए जाते हैं। गोदाम के पास अग्निशमन यंत्र रखने का निर्देश दिया जाता है।
लाइसेंस पर मिलता है हर सीजन में 15 किलो बारूद
बागपत। अग्निशमन विभाग की माने तो जनपद में पटाका बनाने के लिए 32 लाइसेंस हैं। इनका अभी तक नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। जो पर्व या शादी में पटाखा बनाने का कारोबार करते हैं। प्रति लाइसेंस के हिसाब से सीजन में 15 किलो बारूद और केमिकल मिलता है।
दत्तनगर में पकड़ा गया था पटाखों का जखीरा
बागपत। बालैनी थाना क्षेत्र के दत्तनगर गांव में दस दिन पहले पुलिस ने छापा लगाकर पटाखों का जखीरा पकड़ा था। छह गोदामों से लाखों रुपये के पटाखे बरामद हुए थे। पुलिस ने पटाखों के 60 बोरों को हिंडन नदी के किनारे गड्ढा खुदवा कर दबवाया। इस मामले में पुलिस पटाखा निर्माताओं को चिन्हित करने में लगी हुई है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस किए जाएंगे निरस्त
बागपत। जिला अग्निशमन अधिकारी रामेश्वर सिंह सैनी ने बताया कि जिले में रिकार्ड के मुताबिक 32 लाइसेंस है। इस बार किसी ने भी लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं कराया है। सभी की जांच की जा रही है। यदि अवैध रूप से पटाखें बना जा रहे है तो उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।
पटाखा निर्माताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि अवैध रूप से पटाखा बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों ने पटाखों का स्टॉक लगा रखा है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। सभी थानाध्यक्षों एवं क्षेत्राधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि यदि उनके क्षेत्र में कोई दुर्घटना होती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। किसी भी कीमत पर अवैध रूप से पटाखों की बिक्री नहीं होने देंगे।
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शहर से लेकर गांव तक दीवाली पर पटाखों की बिक्री होती है। दीपावाली का त्योहार करीब आ रहा है। इसको लेकर ज्यादातर पटाखा निर्माता अभी से ही तेज आवाज वाले पटाखे बनाने के साथ ही उनका भंडारण करने लगे हैं। पटाखों को अपने घर या फिर घनी आबादी में चोरी छिपे बनाने के साथ ही गोदामों में बारूद एकत्रित किया जाता है। पुलिस से बचने के चक्कर में दिन में गोदाम में ताला लटकाकर चले जाते हैं। रात होते ही तैयार पटाखों को गोदाम में रखने लगते हैं। इस बात की जानकारी लोगों को होती है, लेकिन सभी अंजान बने रहते हैं। पटाखा गोदाम के पास रहने वाले लोग सहमे रहते हैं। पूर्व में कई बार पटाखा गोदामों में आग लग चुकी है। इसके बाद भी परिवार के लोगों रिस्क लेकर कारोबार चला रहे हैं। पटाखा बनाने वालों में प्रशासनिक अधिकारियों का भय भी नहीं है, क्योंकि बड़ा हादसा होने के बाद सिस्टम की नींद खुलती है।
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यहां पर बनाए जाते हैं पटाखे
बागपत। शहर के मोहल्ला मुगलपुरा, ठाकुरद्वारा, पुराना कस्बा, अग्रवाल मंडी टटीरी, बड़ौत में मंडी घनश्याम गंज, महावीर मार्ग, पट्टी मेहर, मोहल्ला तिरगरान, बिजरौल रोड, जलालपुर गांव के पास, खेकड़ा में नई बस्ती कॉलोनी, जहांगीरपुर डूंडाहेड़ा, सुभाष नगर नई बस्ती, हसनपुर मसूरी, छपरौली, दोघट, दत्तनगर, बिनौली, अमीनगर सराय, बालैनी समेत अन्य जगह पटाखे बनाए जाते हैं। वर्तमान समय में अधिकांश लोग घरों में पटाखों का स्टॉक कर रहे हैं।
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क्या है नियम
बागपत। पटाखा निर्माताओं को लाइसेंस जारी करते समय उनसे शपथ पत्र लिया जाता है। शपथ पत्र में यह देना होता कि उनका गोदाम कहां बनाया गया है। जिन स्थानों पर पटाखा बनाया जाएंगे, वहां गोदाम नहीं होगा। गोदाम को घनी आबादी से करीब एक से डेढ़ किमी दूर बनाने के निर्देश दिए जाते हैं। गोदाम के पास अग्निशमन यंत्र रखने का निर्देश दिया जाता है।
लाइसेंस पर मिलता है हर सीजन में 15 किलो बारूद
बागपत। अग्निशमन विभाग की माने तो जनपद में पटाका बनाने के लिए 32 लाइसेंस हैं। इनका अभी तक नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। जो पर्व या शादी में पटाखा बनाने का कारोबार करते हैं। प्रति लाइसेंस के हिसाब से सीजन में 15 किलो बारूद और केमिकल मिलता है।
दत्तनगर में पकड़ा गया था पटाखों का जखीरा
बागपत। बालैनी थाना क्षेत्र के दत्तनगर गांव में दस दिन पहले पुलिस ने छापा लगाकर पटाखों का जखीरा पकड़ा था। छह गोदामों से लाखों रुपये के पटाखे बरामद हुए थे। पुलिस ने पटाखों के 60 बोरों को हिंडन नदी के किनारे गड्ढा खुदवा कर दबवाया। इस मामले में पुलिस पटाखा निर्माताओं को चिन्हित करने में लगी हुई है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस किए जाएंगे निरस्त
बागपत। जिला अग्निशमन अधिकारी रामेश्वर सिंह सैनी ने बताया कि जिले में रिकार्ड के मुताबिक 32 लाइसेंस है। इस बार किसी ने भी लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं कराया है। सभी की जांच की जा रही है। यदि अवैध रूप से पटाखें बना जा रहे है तो उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों को चिन्हित किया जा रहा है।
पटाखा निर्माताओं के खिलाफ होगी कार्रवाई
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि अवैध रूप से पटाखा बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों ने पटाखों का स्टॉक लगा रखा है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। सभी थानाध्यक्षों एवं क्षेत्राधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि यदि उनके क्षेत्र में कोई दुर्घटना होती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। किसी भी कीमत पर अवैध रूप से पटाखों की बिक्री नहीं होने देंगे।