बड़ौत। छछरपुर गांव के डीडीए के सेवानिवृत्त कर्मी चंद्रपाल के अविवाहित चाचा बुजुर्ग किसान इंद्र की हत्या गांव के ही भगत ने 35 साल पहले हुई ताऊ सौराज की मौत का बदला लेने के लिए की थी। पुलिस ने हत्यारोपी भगत और उसके साथी अंकुर को गिरफ्तार कर खेत में छिपाया गया हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी बरामद कर लिया।
गूंगाखेड़ी-छछरपुर मार्ग स्थित नलकूप के पास पांच अक्तूबर की सुबह खेत में किसान इंद्र का शव पड़ा मिला था, जिनके सिर पर धारदार हथियार से कई वार कर हत्या की गई थी। इस मामले में सीओ अंशु जैन ने बताया कि बुजुर्ग इंद्र की हत्या गांव के ही युवक भगत ने अपने साथी अंकुर के साथ मिलकर की थी। चार अक्तूबर की रात में भगत ने अपने साथियों के साथ शराब पी और शराब कम रहने पर बड़ौत से खरीदकर ले गए। इसके बाद किसान इंद्र के नलकूप के पास बैठकर शराब पी। वहां से दो साथी घर चले गए, जबकि भगत और अंकुर खेत में फसल की सिंचाई करने के लिए घर से फावड़े लेकर वापस खेत में आ गए। वहां पर बुजुर्ग किसान इंद्र पेशाब करने जा रहे थे। तभी भगत ने फावड़े से सिर पर कई वार करके बुजुर्ग किसान की हत्या कर दी, जबकि अंकुर खड़ा होकर देखता रहा। हत्या के बाद अंकुर के साथ मिलकर खून से सना फावड़ा खेत में छिपाकर भाग गए थे। पूछताछ में हत्यारोपी भगत ने बताया कि 35 साल पहले इंद्र के नलकूप पर उसके ताऊ सौराज की मौत हो गई थी। लोगों ने इंद्र को सौराज की मौत का जिम्मेदार बताया, तभी से इंद्र से बदला लेने की फिराक में लगा था।