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Baghpat : काॅपी और किताबें बनी पंखें, पसीने से तर पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे

Thu, 18 May 2023 01:38 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 18 May 2023 01:38 PM IST
सार

ऊर्जा निगम और शिक्षा विभाग के अफसरों की मनमानी का खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं। शिकोहपुर के संविलियन विद्यालय में गर्मी के कारण बच्चों की हालत देख अभिभावकों में आक्रोश पनप रहा है।

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Copies and books became fans, children forced to study in sweat

विस्तार

तेज गर्मी और गर्म हवाओं से हर कोई परेशान है। ऐसे मौसम में अगर किसी स्कूल में बिजली न हो तो वहां पढ़ने वाले बच्चों का हाल क्या होगा, यह सोच सकते हैं। यही हाल शिकोहपुर गांव के संविलियन विद्यालय का। जहां पर ऊर्जा निगम की लापरवाही से बच्चे पिछले 15 दिनों से पसीना-पसीना हो पढ़ाई कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने भी खानापूर्ति के लिए मात्र मौखिक शिकायत कर अपना पीछा छुड़ा लिया। अब बच्चों के अभिभावकों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
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आपको बता दें कि गत 15 दिनों से विद्यालय का ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है, जिस कारण विद्यालय मेें बिजली आपूर्ति बंद है। उधर, इस भीषण गर्मी में बच्चे किसी तरह स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें वहां भी राहत नहीं मिल रही है।
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सबसे बुरी हालत छोटे बच्चों की है। यहां पर इस समय प्राइमरी में 131 और जूनियर में 81 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से बिजली न होने के कारण गर्मी में बच्चों का क्लास में बैठना मुश्किल हो रहा है। बच्चे किताब और कॉपी को ही पंखे की तरह प्रयोग कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे पढ़ाई क्या करेंगे, यह सोचने वाली बात है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश शर्मा ने खानापूर्ति के लिए ऊर्जा निगम को मौखिक शिकायत की है।

वहीं ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लिखित में शिकायत नहीं मिली है। बिना लिखित शिकायत कैसे समस्या का समाधान करें। यानी ऊर्जा निगम और प्रधानाध्यापक की लापरवाही का खामियाजा मासूमों को उठना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों में रोष पनपता जा रहा है।

उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस संबंध में प्रधानाध्यापक का कहना है कि यह गांव की राजनीति है। बिजली समस्या के निस्तारण को लेकर मौखिक शिकायत की जा चुकी है। उधर, जब इस संबंध मेें बीएसए कीर्ति और एबीएसए अजय कुमार से फोन पर बातचीत करने की कोशिश की तो किसी ने भी फोन उठाना उचित नहीं समझा।

ऐसे अधिकारियों के खिलाफ होनी चाहिए कार्रवाई
सामाजिक कार्यकर्ता मनु तिवारी, बबलू, सोनू का कहना है कि भीषण गर्मी में बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मनामनी पर उतारू है, ऐसे में डीएम को हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए।
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