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टिकट के लिए बढ़ रहे दावेदार, पार्टियों में गुटबाजी भी बढ़ी
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भाजपा के साथ ही रालोद-सपा में टिकट के लिए सबसे ज्यादा खींचतान
टिकट नहीं मिलने पर पालाबदलने की तैयारी में कई दावेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। विधानसभा चुनाव का बिगुल भले ही बज चुका हो, लेकिन अभी तक किसी भी मुख्य पार्टी ने प्रत्याशियों को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। टिकट के दावेदारों की लाइन जरूर लंबी होती जा रही है। इससे गुटबाजी भी बढ़ती जा रही है। भाजपा के साथ ही रालोद-सपा में सबसे ज्यादा खींचतान दिख रही है। चुनाव से पहले टिकट के लिए नेता आपस में एक-दूसरे की लखनऊ तक खिलाफत करने में जुटे हैं।
बागपत सीट पर रालोद से एक नेता का चुनाव लड़ना लगभग तय है। इसके बावजूद दो अन्य नेता अभी टिकट की जुगत में लगे हैं। यहां से भाजपा के टिकट के लिए चार दावेदार हैं। उनमें खुलकर खींचतान चल रही है। नेता लखनऊ से दिल्ली तक चक्कर काट रहे हैं। बड़ौत विधानसभा सीट पर रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए दस नेता दावेदारी ठोंक रहे हैं, जिनमें पूर्व विधायकों से लेकर कई बड़े नेता भी शामिल हैं। भाजपा से भी इस सीट पर टिकट के छह दावेदार हैं। वहीं, छपरौली सीट पर रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए सात नेता ताल ठोंक रहे हैं। जबकि भाजपा से चार नेता इस सीट पर टिकट की लाइन में हैं। इस तरह सभी सीटों पर चुनाव से पहले ही पार्टियों के नेता आपस में खींचतान करने में लगे हैं। इनमें कई ऐसे भी नेता हैं जो जल्द से जल्द टिकट घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि उनको टिकट नहीं मिलता है तो वे पाला बदलकर टिकट की जुगत लगा सकें। यह माना जा रहा है कि इसलिए भी सभी पार्टियां टिकट की घोषणा में देरी कर रही हैं।
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टिकट नहीं मिलने पर पालाबदलने की तैयारी में कई दावेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। विधानसभा चुनाव का बिगुल भले ही बज चुका हो, लेकिन अभी तक किसी भी मुख्य पार्टी ने प्रत्याशियों को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। टिकट के दावेदारों की लाइन जरूर लंबी होती जा रही है। इससे गुटबाजी भी बढ़ती जा रही है। भाजपा के साथ ही रालोद-सपा में सबसे ज्यादा खींचतान दिख रही है। चुनाव से पहले टिकट के लिए नेता आपस में एक-दूसरे की लखनऊ तक खिलाफत करने में जुटे हैं।
बागपत सीट पर रालोद से एक नेता का चुनाव लड़ना लगभग तय है। इसके बावजूद दो अन्य नेता अभी टिकट की जुगत में लगे हैं। यहां से भाजपा के टिकट के लिए चार दावेदार हैं। उनमें खुलकर खींचतान चल रही है। नेता लखनऊ से दिल्ली तक चक्कर काट रहे हैं। बड़ौत विधानसभा सीट पर रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए दस नेता दावेदारी ठोंक रहे हैं, जिनमें पूर्व विधायकों से लेकर कई बड़े नेता भी शामिल हैं। भाजपा से भी इस सीट पर टिकट के छह दावेदार हैं। वहीं, छपरौली सीट पर रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए सात नेता ताल ठोंक रहे हैं। जबकि भाजपा से चार नेता इस सीट पर टिकट की लाइन में हैं। इस तरह सभी सीटों पर चुनाव से पहले ही पार्टियों के नेता आपस में खींचतान करने में लगे हैं। इनमें कई ऐसे भी नेता हैं जो जल्द से जल्द टिकट घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि उनको टिकट नहीं मिलता है तो वे पाला बदलकर टिकट की जुगत लगा सकें। यह माना जा रहा है कि इसलिए भी सभी पार्टियां टिकट की घोषणा में देरी कर रही हैं।
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