{"_id":"57ffefe24f1c1b762b28f1b6","slug":"collectorate-of-mothers-in-the-kitchen-display-adm-submitted-to-the-demand-letter","type":"story","status":"publish","title_hn":"रसोई माताओं का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन, एडीएम को मांग पत्र सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसोई माताओं का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन, एडीएम को मांग पत्र सौंपा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Fri, 14 Oct 2016 02:04 AM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में धरने पर बैठी महिला रसोई माता को संबोधित करती वक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
बागपत। मानदेय वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर रसोई माताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना किया। उन्होंने कहा जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार कर आंदोलन होगा। इस दौरान रोड जाम और भूख हड़ताल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया एकता संघ के बैनर पर विभिन्न ब्लॉक की रसोई माताएं कलक्ट्रेट में एकत्र हुई। इस दौरान संघ की प्रदेशाध्यक्ष काजल कटारिया ने कहा परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोई माताओं की हालत बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। इन्हें मनमाने ढंग से विद्यालय में रखा जाता है। इन्हें बार-बार निकालकर नए रसोई माता को रखना मानवाधिकार और विधि परंपरा के खिलाफ है।
उन्होंने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इसमें हर वर्ष चयन प्रक्रिया समाप्त करने, पिछले सत्र में कार्यरत रसोई माता का चयन करने, संबंधित विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने की अनिवार्यता समाप्त करने, मानदेय पांच हजार देने, मानदेय उनके निजी खाते में देने, रसोई माता का बीमा आदि प्रमुख हैं। उन्होंने कहा मांगों को लेकर 22 अक्तूबर को सीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान काजल, ओमवती, सरला, रानी, सुदेश, संगीता, आरती, मोनिका, शशी बाला आदि रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया एकता संघ के बैनर पर विभिन्न ब्लॉक की रसोई माताएं कलक्ट्रेट में एकत्र हुई। इस दौरान संघ की प्रदेशाध्यक्ष काजल कटारिया ने कहा परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोई माताओं की हालत बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। इन्हें मनमाने ढंग से विद्यालय में रखा जाता है। इन्हें बार-बार निकालकर नए रसोई माता को रखना मानवाधिकार और विधि परंपरा के खिलाफ है।
विज्ञापन
उन्होंने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इसमें हर वर्ष चयन प्रक्रिया समाप्त करने, पिछले सत्र में कार्यरत रसोई माता का चयन करने, संबंधित विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने की अनिवार्यता समाप्त करने, मानदेय पांच हजार देने, मानदेय उनके निजी खाते में देने, रसोई माता का बीमा आदि प्रमुख हैं। उन्होंने कहा मांगों को लेकर 22 अक्तूबर को सीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान काजल, ओमवती, सरला, रानी, सुदेश, संगीता, आरती, मोनिका, शशी बाला आदि रही।
विज्ञापन