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कोरोना काल से बर्बाद हो रहा बच्चों का भविष्य
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कोरोना काल से बर्बाद हो रहा बच्चों का भविष्य
बड़ौत। सपा कार्यकर्ता सोमवार को तहसील पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।
सपा नेता सुरेंद्र पंवार के नेतृत्व में तहसील पहुंचे कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्ले व नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चे मोबाइल से नहीं पढ़ सकते। सभी बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन भी नहीं है। ऐसे में बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। सुरेंद्र पंवार ने कहा कि बच्चे के जन्म का रजिस्ट्रेशन जन्म के 21 दिन के अंदर कराना होता है। इसमें उम्र छुपाना मुश्किल है। नौकरी में जाने की उम्र की सीमा सरकार ने तय कर रखी है। ऐसे में यदि प्ले से कक्षा पांच तक के बच्चों को इस साल का पाठ्यक्रम पढ़े बिना अगली कक्षा में कर दिएं जाए, तो वह अगली कक्षा का पाठ्यक्रम नहीं पढ़ पाऐंगें। इसलिए इन बच्चों को जिस कक्षा में है उसी कक्षा का पाठ्यक्रम सामान्य स्थिति होने पर स्कूल में पढ़ाया जाए और सरकार अध्यादेश जारी कर पंाचवी कक्षा तक के बच्चों का कोरोना के चलते जो समय बर्बाद होगा, उन बच्चों को नौकरी भर्ती में यह समय अलग से दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में बाबूराम सैनी, अशोक, डॉ. इरफान, नफीस सिद्दीकी, यूसूफ मलिक, गुलफाम, ब्रजपाल, रामबीर, वीरेंद्र, जाहुल आदि शामिल रहे।
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बड़ौत। सपा कार्यकर्ता सोमवार को तहसील पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।
सपा नेता सुरेंद्र पंवार के नेतृत्व में तहसील पहुंचे कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्ले व नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चे मोबाइल से नहीं पढ़ सकते। सभी बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन भी नहीं है। ऐसे में बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। सुरेंद्र पंवार ने कहा कि बच्चे के जन्म का रजिस्ट्रेशन जन्म के 21 दिन के अंदर कराना होता है। इसमें उम्र छुपाना मुश्किल है। नौकरी में जाने की उम्र की सीमा सरकार ने तय कर रखी है। ऐसे में यदि प्ले से कक्षा पांच तक के बच्चों को इस साल का पाठ्यक्रम पढ़े बिना अगली कक्षा में कर दिएं जाए, तो वह अगली कक्षा का पाठ्यक्रम नहीं पढ़ पाऐंगें। इसलिए इन बच्चों को जिस कक्षा में है उसी कक्षा का पाठ्यक्रम सामान्य स्थिति होने पर स्कूल में पढ़ाया जाए और सरकार अध्यादेश जारी कर पंाचवी कक्षा तक के बच्चों का कोरोना के चलते जो समय बर्बाद होगा, उन बच्चों को नौकरी भर्ती में यह समय अलग से दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में बाबूराम सैनी, अशोक, डॉ. इरफान, नफीस सिद्दीकी, यूसूफ मलिक, गुलफाम, ब्रजपाल, रामबीर, वीरेंद्र, जाहुल आदि शामिल रहे।