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एनआरसी वार्ड में बच्चे की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 16 Apr 2017 01:22 AM IST
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एनआरसी में बच्चे की मौत के बाद विलाप करते परिजन,
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला अस्पताल की एनआरसी वार्ड में भर्ती बच्चे ने दम तोड़ दिया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया सांस की नली में दूध चला जाने के कारण बच्चे की जान गई है। इस घटना के बाद परिजनों का बुरा हाल है।
रोशनगढ़ निवासी सुनील का नौ माह का बेटा सूरज जन्म के समय से ही काफी कमजोर था। 10 दिन पहले उसकी हालत बिगड़ गई थी। परिजनों ने उसका निजी चिकित्सक से इलाज कराया । हालत में सुधार न होने पर परिजन बच्चे को आठ अप्रैल को जिला अस्पताल लेकर आए।
चिकित्सकों ने अति कुपोषित घोषित कर बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती किया। तभी से बच्चे का वार्ड में इलाज चल रहा था। शनिवार को बच्चे की अचानक हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों के उपचार करने के बाद भी बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया बच्चा सूरज का एनआरसी में इलाज चल रहा था। शनिवार को सुबह के समय मां बच्चे को दूध पिलाने लगी, इसी दौरान सांस की नली में दूध चला जाने से सूरज की हालत बिगड़ गई। उपचार करने के बाद चिकित्सक सूरज को नहीं बचा सके । सूत्रों के अनुसार वार्ड में अति कुपोषित सात बच्चे भर्ती हैं। सूरज की मौत होने के बाद वार्ड में छब बच्चों का इलाज चल रहा है।
दो बच्चों की पहले भी हो चुकी है मौत
बागपत। सुनील ने बताया उसके दो बच्चों की पहले जान जा चुकी है। जन्म से ही बच्चे कमजोर होते हैं। एक बच्ची की तो जन्म के समय ही मौत हो गई और दूसरे बच्चे की 22वें दिन ही जान चली गई थी। अब उनके पास कोई बच्चा नहीं है।
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रोशनगढ़ निवासी सुनील का नौ माह का बेटा सूरज जन्म के समय से ही काफी कमजोर था। 10 दिन पहले उसकी हालत बिगड़ गई थी। परिजनों ने उसका निजी चिकित्सक से इलाज कराया । हालत में सुधार न होने पर परिजन बच्चे को आठ अप्रैल को जिला अस्पताल लेकर आए।
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चिकित्सकों ने अति कुपोषित घोषित कर बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती किया। तभी से बच्चे का वार्ड में इलाज चल रहा था। शनिवार को बच्चे की अचानक हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों के उपचार करने के बाद भी बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया बच्चा सूरज का एनआरसी में इलाज चल रहा था। शनिवार को सुबह के समय मां बच्चे को दूध पिलाने लगी, इसी दौरान सांस की नली में दूध चला जाने से सूरज की हालत बिगड़ गई। उपचार करने के बाद चिकित्सक सूरज को नहीं बचा सके । सूत्रों के अनुसार वार्ड में अति कुपोषित सात बच्चे भर्ती हैं। सूरज की मौत होने के बाद वार्ड में छब बच्चों का इलाज चल रहा है।
दो बच्चों की पहले भी हो चुकी है मौत
बागपत। सुनील ने बताया उसके दो बच्चों की पहले जान जा चुकी है। जन्म से ही बच्चे कमजोर होते हैं। एक बच्ची की तो जन्म के समय ही मौत हो गई और दूसरे बच्चे की 22वें दिन ही जान चली गई थी। अब उनके पास कोई बच्चा नहीं है।