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सीएचसी पर मरीज खुद कर रहे मरहम-पट्टी
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टीकरी सीएचसी में खुद पट्टी करते छात्र
- फोटो : BAGHPAT
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सीएचसी पर मरीज खुद कर रहे मरहम-पट्टी
दोघट (बागपत)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीकरी में अव्यवस्थाएं हावी हैं। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर मरीजों को खुद ही अपने जख्मों पर मरहम लगाकर पट्टी बांधनी पड़ती है। शिकायतों के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा। सीएचसी बिनौली के अधीक्षक ने जांच करने की बात कही।
बुधवार को टीकरी कस्बे में निजी स्कूल के दो छात्र साइकिल से गिरकर घायल हो गए। जब वे सीएचसी पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने उनके हाथ में दवाई व पट्टी थमा दी। छात्रों ने खुद अपने जख्म पर मरहम पट्टी की। मरीजों का कहना है कि वार्ड ब्वॉय मरीजों को पट्टी दे देते है और कह दिया जाता है कि खुद ही बांध लो। इतना ही नहीं स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे तक की मशीन नहीं है जबकि टीकरी में पिछले 10 वर्षों से सीएचसी भवन बनकर तैयार है। अभी तक भी पूर्ण सुविधाएं नहीं दी गई है। सीएचसी पर स्टाफ अन्य पीएचसी से भेजा जाता है। महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई है। जिसकी वजह से जच्चा बच्चा की सुविधा मिल पा रही है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक बिनौली डॉ. अतुल बंसल का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी।
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दोघट (बागपत)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीकरी में अव्यवस्थाएं हावी हैं। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर मरीजों को खुद ही अपने जख्मों पर मरहम लगाकर पट्टी बांधनी पड़ती है। शिकायतों के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा। सीएचसी बिनौली के अधीक्षक ने जांच करने की बात कही।
बुधवार को टीकरी कस्बे में निजी स्कूल के दो छात्र साइकिल से गिरकर घायल हो गए। जब वे सीएचसी पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने उनके हाथ में दवाई व पट्टी थमा दी। छात्रों ने खुद अपने जख्म पर मरहम पट्टी की। मरीजों का कहना है कि वार्ड ब्वॉय मरीजों को पट्टी दे देते है और कह दिया जाता है कि खुद ही बांध लो। इतना ही नहीं स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे तक की मशीन नहीं है जबकि टीकरी में पिछले 10 वर्षों से सीएचसी भवन बनकर तैयार है। अभी तक भी पूर्ण सुविधाएं नहीं दी गई है। सीएचसी पर स्टाफ अन्य पीएचसी से भेजा जाता है। महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई है। जिसकी वजह से जच्चा बच्चा की सुविधा मिल पा रही है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक बिनौली डॉ. अतुल बंसल का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी।
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