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दूध में यूरिया, स्टार्च व रिफाइंड की मिलावट मिली, बिगाड़ सकता है सेहत
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- एडीएम कोर्ट ने मिलावट खोरों पर लगाया चार लाख 75 हजार का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में बड़े पैमाने पर दूध में यूरिया, स्टार्च व रिफाइंड की मिलावट हो रही। इसका अंदाजा इसी से लगाया सकता है कि करीब छह माह पूर्व लिए गए दूध के 22 नमूनों में मिलावट मिली है। तीन अन्य खाद्य उत्पादों में मिलावट मिली है। इस पर एडीएम कोर्ट ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने के इस मामले में चार लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जिले में दूध, मावा में मिलावट का बड़ा धंधा चल रहा है। बाजारों में बिकने वाले दूध में बड़ी मात्रा में मिलावट की जा रही है। खाद्य विभाग की ओर से करीब छह माह पूर्व दूध और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। इनमें से दूध के 22 और अन्य खाद्य पदार्थों के तीन नमूने फेल हो गए थे। जिला अभिहित अधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि दूध के नमूनों में रिफाइंड, स्टार्च, यूरिया व पानी की मिलावट की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा एक खाद्य पदार्थ मिस मैच होने के कारण और दो अन्य खाद्य पदार्थ के नमूने अमानक घोषित हो गए थे। विभाग की ओर से मिलावटखोरों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया था।
एडीएम अमित कुमार ने वाद की सुनवाई करते हुए लोगों से स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के आरोप में मिलावटखोरों पर चार लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
लोगों के लिए घातक है ऐसा दूध
सीएचसी अधीक्षक डा. विभाष राजपूत का कहना है कि यूरिया, स्टार्च व रिफाइंड से किडनी की बीमारी होती है और यह लोगों की जिंदगी के लिए घातक होता है। स्टार्च व रिफाइंड से अन्य कई बीमारियां भी शरीर में घर कर जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में बड़े पैमाने पर दूध में यूरिया, स्टार्च व रिफाइंड की मिलावट हो रही। इसका अंदाजा इसी से लगाया सकता है कि करीब छह माह पूर्व लिए गए दूध के 22 नमूनों में मिलावट मिली है। तीन अन्य खाद्य उत्पादों में मिलावट मिली है। इस पर एडीएम कोर्ट ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने के इस मामले में चार लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जिले में दूध, मावा में मिलावट का बड़ा धंधा चल रहा है। बाजारों में बिकने वाले दूध में बड़ी मात्रा में मिलावट की जा रही है। खाद्य विभाग की ओर से करीब छह माह पूर्व दूध और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। इनमें से दूध के 22 और अन्य खाद्य पदार्थों के तीन नमूने फेल हो गए थे। जिला अभिहित अधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि दूध के नमूनों में रिफाइंड, स्टार्च, यूरिया व पानी की मिलावट की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा एक खाद्य पदार्थ मिस मैच होने के कारण और दो अन्य खाद्य पदार्थ के नमूने अमानक घोषित हो गए थे। विभाग की ओर से मिलावटखोरों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया था।
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एडीएम अमित कुमार ने वाद की सुनवाई करते हुए लोगों से स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के आरोप में मिलावटखोरों पर चार लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
लोगों के लिए घातक है ऐसा दूध
सीएचसी अधीक्षक डा. विभाष राजपूत का कहना है कि यूरिया, स्टार्च व रिफाइंड से किडनी की बीमारी होती है और यह लोगों की जिंदगी के लिए घातक होता है। स्टार्च व रिफाइंड से अन्य कई बीमारियां भी शरीर में घर कर जाती है।
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