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अष्टमी के दिन बेटियां होने पर मनाया जश्न
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बड़ौत सीएचसी पर नवरात्र में बेटी पैदा होने पर खुशी जताती मां सरिता
- फोटो : BARAUT
अष्टमी के दिन बेटियां होने पर मनाया जश्न
बड़ौत (बागपत)। नवरात्र में रविवार को अष्टमी की पूजा के दिन कई परिवार में बेटी पैदा हुई तो परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उधर बेटियाें की माताओं ने कहा कि बेटियां तो मां दुर्गा और लक्ष्मी का स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि वे बेटियों से कोई भेदभाव नहीं करेंगी और अन्य लोगों को भी बेटियों को बोझ नहीं मानना चाहिए।
देवी आराधना के इस पर्व में यह प्रासंगिक ही होगा कि परिवारों, समाज और देश की सुख-समृद्धि तभी आएगी, जब कोई दुर्गा उनके घर पर जन्म ले। ज्यों ज्यों यह बेटी बड़ी होती जाएगी, त्यों-त्यों आर्थिक समृद्वि का सूचकांक भी बढ़ता है। रविवार को जहां अष्टम महागौरी मां की पूजा के लिए मंदिरों में शंख, घड़ियाल-घंटियों की आवाज बुलंद थीं। वहीं बड़ौत सीएचसी पर मां दुर्गा और लक्ष्मी की स्वरूप कन्याओं के जन्म होने पर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। पट्टी मेहर बड़ौत निवासी रेणु पत्नी विपिन ने रविवार को एक बेटी को जन्म दिया। इससे परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनका कहना है कि नवरात्र पर्व पर उनके घर पर लक्ष्मी का जन्म हुआ है। यह बहुत सौभाग्य की बात है। उन्होंने अन्य अभिभावकों से बेटियों को बोझ न समझने की अपील की। कहा कि जब बेटियां पैदा होती है तो वे अपने पैदा होने के समय पर ही अपने भाग्य का ले आती है। उधर, सीएचसी पर ही कंडेरा निवासी सरिता पत्नी प्रदीप ने भी बेटी को जन्म दिया। सरिता का कहना है कि मेरी इच्छा थी कि मुझे बेटी हो, मां दुर्गा ने मेरी प्रार्थना सुन ली। इससे पविार के सभी सदस्य खुश है। जब इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार व ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक सचिन मलिक ने बताया कि बेटियों के जन्म पर परिवार के लोग खुशी थे। रिश्तेदार भी सीएचसी पर पहुंचकर बधाईयां दे रहे थे।
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बड़ौत (बागपत)। नवरात्र में रविवार को अष्टमी की पूजा के दिन कई परिवार में बेटी पैदा हुई तो परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उधर बेटियाें की माताओं ने कहा कि बेटियां तो मां दुर्गा और लक्ष्मी का स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि वे बेटियों से कोई भेदभाव नहीं करेंगी और अन्य लोगों को भी बेटियों को बोझ नहीं मानना चाहिए।
देवी आराधना के इस पर्व में यह प्रासंगिक ही होगा कि परिवारों, समाज और देश की सुख-समृद्धि तभी आएगी, जब कोई दुर्गा उनके घर पर जन्म ले। ज्यों ज्यों यह बेटी बड़ी होती जाएगी, त्यों-त्यों आर्थिक समृद्वि का सूचकांक भी बढ़ता है। रविवार को जहां अष्टम महागौरी मां की पूजा के लिए मंदिरों में शंख, घड़ियाल-घंटियों की आवाज बुलंद थीं। वहीं बड़ौत सीएचसी पर मां दुर्गा और लक्ष्मी की स्वरूप कन्याओं के जन्म होने पर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। पट्टी मेहर बड़ौत निवासी रेणु पत्नी विपिन ने रविवार को एक बेटी को जन्म दिया। इससे परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनका कहना है कि नवरात्र पर्व पर उनके घर पर लक्ष्मी का जन्म हुआ है। यह बहुत सौभाग्य की बात है। उन्होंने अन्य अभिभावकों से बेटियों को बोझ न समझने की अपील की। कहा कि जब बेटियां पैदा होती है तो वे अपने पैदा होने के समय पर ही अपने भाग्य का ले आती है। उधर, सीएचसी पर ही कंडेरा निवासी सरिता पत्नी प्रदीप ने भी बेटी को जन्म दिया। सरिता का कहना है कि मेरी इच्छा थी कि मुझे बेटी हो, मां दुर्गा ने मेरी प्रार्थना सुन ली। इससे पविार के सभी सदस्य खुश है। जब इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार व ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक सचिन मलिक ने बताया कि बेटियों के जन्म पर परिवार के लोग खुशी थे। रिश्तेदार भी सीएचसी पर पहुंचकर बधाईयां दे रहे थे।
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