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लॉकडाउन में कम हुए महिला उत्पीडन के केस : सुषमा सिंह
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- 50 से 70 फीसदी मामलों में काउंसलिंग से हुआ समाधान
बागपत। महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में महिला उत्पीड़न के मामलों में कमी आई है। 50 से 70 फीसदी मामलों को काउंसलिंग के माध्यम से निपटाया गया है।
सुषमा सिंह शनिवार को पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रही थी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान महिला उत्पीड़न जैसे घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, तलाक संबंधी शिकायतों का सर्वे कराया जा रहा है। फिलहाल कोरोना काल के केसों की समीक्षा की जा रही है। लॉकडाउन के कारण डिप्रेशन जैसी समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए महिला थानों पर काउंसलरों की नियुक्ति कराई जाएगी। उन्होंने महिला उत्पीड़न रोकने के लिए कठोर एवं त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा किे प्रदेश में तीन तलाक के मामलों में भी कमी आई है। महिला उत्पीड़न की घटनाओं में त्वरित समाधान कराने के लिए व्हाट्स एप ग्रु्प बनाया जा रहा है। प्रत्येक जिले में एक सीओ को नियुक्त किया जाएगा। सीओ थानों में संपर्क कर मामलों समाधान करेंगे।
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बागपत। महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में महिला उत्पीड़न के मामलों में कमी आई है। 50 से 70 फीसदी मामलों को काउंसलिंग के माध्यम से निपटाया गया है।
सुषमा सिंह शनिवार को पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता कर रही थी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान महिला उत्पीड़न जैसे घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, तलाक संबंधी शिकायतों का सर्वे कराया जा रहा है। फिलहाल कोरोना काल के केसों की समीक्षा की जा रही है। लॉकडाउन के कारण डिप्रेशन जैसी समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए महिला थानों पर काउंसलरों की नियुक्ति कराई जाएगी। उन्होंने महिला उत्पीड़न रोकने के लिए कठोर एवं त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा किे प्रदेश में तीन तलाक के मामलों में भी कमी आई है। महिला उत्पीड़न की घटनाओं में त्वरित समाधान कराने के लिए व्हाट्स एप ग्रु्प बनाया जा रहा है। प्रत्येक जिले में एक सीओ को नियुक्त किया जाएगा। सीओ थानों में संपर्क कर मामलों समाधान करेंगे।
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