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सावधान! बैंक खाता खाली न कर दे पीएम बेरोजगारी भत्ता योजना
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बागपत। प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना 2020 के तहत 3500 रुपये प्रति माह पाने को कोई मेसेज या लिंक आपके सोशल मीडिया अकाउंट में आया है तो सावधान हो जाएं, यह आपका बैंक बैलेंस खाली कर सकता है। आपकी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे ईमेल, सोशल साइट अकाउंट आदि के पासवार्ड, आधार, पैनकार्ड की डिटेल भी लीक हो सकते है।
बता दें कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना 2020 के नाम से एक मेसेज खूब वायरल हो रहा है। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने पर युवा बेरोजगारों को 3500 रुपये प्रति माह देने का लालच दिया जा रहा है। पंजीकरण का आवेदन निशुल्क, योग्यता दसवीं पास और आयु 18 से 40 निर्धारित होना बताया गया है। पंजीकरण की अंतिम दिन 20 फरवरी 2020 बताई गई है। लिंक पर क्लिक करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र के साथ ही प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना नाम से पेज खुलता है। इसमेें योजना केन्द्र सरकार द्वारा संचालित बताई गई है और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फार्म दिया गया है। फार्म में आवेदनकर्ता के नाम, पिता का नाम, उम्र और राज्य भरने के कॉलम दिए गए है। फार्म भरने पर तीन प्रश्न पूछे जाते है। पहला प्रश्न क्या आप भारत के नागरिक है, दूसरा आपकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है और तीसरा क्या आप पहले से ही किसी अन्य योजना भत्ते का लाभ ले रहे है। इन प्रश्नों का जवाब देते ही एक नया पेज खुलता है। इसमें आपको प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना के पात्र होने के लिए मुबारकबाद दी जाती है। बताया गया है कि आपको 3500 रुपये बेरोजगारी भत्ता मिलेगा, जिसे ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी से प्राप्त किया जा सकता है।
पात्र सूची में अपना नाम जुड़वानेे के लिए पांच लोगों को यह मेसेज भेज कर अपना पंजीकरण क्रमांक प्राप्त करने को कहा जाता है। पांच लोगों को मेसेज भेजने पर पंजीकरण सूचना मिलती है। पंजीकरण के बाद आपका मोबाइल फोन या ईमेल वेरिफिकेशन को कहा जाता है। यदि आप अपना मोबाइल नंबर या ईमेल देते है तो अंत में यूट्यूब चैनल का पेज खुलता है। यहां पर पहुंचने पर आपको पता चलता है कि आपके साथ मजाक हुआ है, दरअसल आप साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुके है। साइबर अपराधी इसके जरिए आपके मोबाइल की सारी महत्वपूर्ण जानकारियां उड़ा चुके होंगे।
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ऐसी कोई योजना संचालित नहीं
जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया इस तरह की कोई योजना विभाग की ओर से संचालित नहीं है और ना ही कोई शासनादेश आया है। उनके पास भी सैकड़ों फोन इस योजनाओं से संबंधित आ चुके है। यदि कोई इस प्रकार की योजना आती है तो विभाग की ओर से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
ऐसे करें पहचान
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि सरकार और उसके विभागों की वेबसाइट की पहचान यह है कि वेबसाइट के अंत में एनआईसी.आईएन होता है। मगर, इस वेबसाइट के अंत में डॉट कॉम है। यानी यह वेबसाइट व्यावसायिक प्रतिष्ठान की है, ना कि सरकारी।
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बता दें कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना 2020 के नाम से एक मेसेज खूब वायरल हो रहा है। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने पर युवा बेरोजगारों को 3500 रुपये प्रति माह देने का लालच दिया जा रहा है। पंजीकरण का आवेदन निशुल्क, योग्यता दसवीं पास और आयु 18 से 40 निर्धारित होना बताया गया है। पंजीकरण की अंतिम दिन 20 फरवरी 2020 बताई गई है। लिंक पर क्लिक करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र के साथ ही प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना नाम से पेज खुलता है। इसमेें योजना केन्द्र सरकार द्वारा संचालित बताई गई है और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फार्म दिया गया है। फार्म में आवेदनकर्ता के नाम, पिता का नाम, उम्र और राज्य भरने के कॉलम दिए गए है। फार्म भरने पर तीन प्रश्न पूछे जाते है। पहला प्रश्न क्या आप भारत के नागरिक है, दूसरा आपकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है और तीसरा क्या आप पहले से ही किसी अन्य योजना भत्ते का लाभ ले रहे है। इन प्रश्नों का जवाब देते ही एक नया पेज खुलता है। इसमें आपको प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना के पात्र होने के लिए मुबारकबाद दी जाती है। बताया गया है कि आपको 3500 रुपये बेरोजगारी भत्ता मिलेगा, जिसे ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी से प्राप्त किया जा सकता है।
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पात्र सूची में अपना नाम जुड़वानेे के लिए पांच लोगों को यह मेसेज भेज कर अपना पंजीकरण क्रमांक प्राप्त करने को कहा जाता है। पांच लोगों को मेसेज भेजने पर पंजीकरण सूचना मिलती है। पंजीकरण के बाद आपका मोबाइल फोन या ईमेल वेरिफिकेशन को कहा जाता है। यदि आप अपना मोबाइल नंबर या ईमेल देते है तो अंत में यूट्यूब चैनल का पेज खुलता है। यहां पर पहुंचने पर आपको पता चलता है कि आपके साथ मजाक हुआ है, दरअसल आप साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुके है। साइबर अपराधी इसके जरिए आपके मोबाइल की सारी महत्वपूर्ण जानकारियां उड़ा चुके होंगे।
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ऐसी कोई योजना संचालित नहीं
जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया इस तरह की कोई योजना विभाग की ओर से संचालित नहीं है और ना ही कोई शासनादेश आया है। उनके पास भी सैकड़ों फोन इस योजनाओं से संबंधित आ चुके है। यदि कोई इस प्रकार की योजना आती है तो विभाग की ओर से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
ऐसे करें पहचान
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि सरकार और उसके विभागों की वेबसाइट की पहचान यह है कि वेबसाइट के अंत में एनआईसी.आईएन होता है। मगर, इस वेबसाइट के अंत में डॉट कॉम है। यानी यह वेबसाइट व्यावसायिक प्रतिष्ठान की है, ना कि सरकारी।