फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Bulldozer ran on the Yagyashala under construction in Maharishi Ved Vyas Vanaprastha Ashram in Bagpat

Baghpat: महर्षि वेद व्यास वानप्रस्थ आश्रम में निर्माणाधीन यज्ञशाला पर चला बुलडोजर, कार्रवाई से नाराजगी

Sun, 29 Dec 2024 08:40 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 29 Dec 2024 08:40 PM IST
सार

बागपत में बरनावा के महृषि वेद व्यास वानप्रस्थ आश्रम (भूमिया मंदिर) में निर्माणाधीन यज्ञशाला पर वन विभाग की टीम ने बुलडोजर से क्षतिग्रस्त कराया है। वन अधिकारियों ने उक्त भूमि को अपना बताया है।

विज्ञापन
Bulldozer ran on the Yagyashala under construction in Maharishi Ved Vyas Vanaprastha Ashram in Bagpat
यज्ञशाला पर चला बुलडोजर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत में बरनावा के महृषि वेद व्यास वानप्रस्थ आश्रम (भूमिया मंदिर) में निर्माणाधीन यज्ञशाला पर वन विभाग की टीम ने बुलडोजर से क्षतिग्रस्त कराया है। वन अधिकारियों ने उक्त भूमि को अपना बताया है। बिना सूचना दिए यज्ञशाला को क्षतिग्रस्त करने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने वन अधिकारियों की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन


बरनावा में शाहपुर बाणगंगा गंगा मार्ग पर भूमिया मंदिर है। यहां पर महर्षि वेद व्यास वानप्रस्थ आश्रम भी स्थापित है। यहां पर वर्ष 2008 में वृद्धजनों के रहने के लिये आठ कमरे और बरामदे का निर्माण कराया गया। आश्रम में इस समय साधु संत सहित करीब 12 वृद्ध रहते हैं। समय-समय पर धार्मिक आयोजन करने के लिए सर्व समाज के सहयोग से आश्रम में यज्ञशाला का निर्माण शुरू कराया गया। रविवार को रेंजर सुनेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर मोहमद तालिब, सेक्शन इंचार्ज संजय, अंकित, मनोज आदि वनकर्मी वहां जेसीबी मशीन लेकर पहुचें और निर्माणाधीन यज्ञशाला की भूमि को वन विभाग की बताकर यज्ञशाला के दो पिलर जेसीबी से क्षतिग्रस्त करा दिया और  वृद्धजनों से भूमि के वैधानिक अभिलेख और कागजात दिखाने की बात बोलकर चले गए। 
विज्ञापन


वन विभाग द्वारा आश्रम में निर्माणाधीन यज्ञशाला को क्षतिग्रस्त करने से आश्रम के अध्यक्ष पूर्व प्रधान विष्णुदत्त त्यागी, आचार्य विजय कुमार भाई, विजयपाल शास्त्री, सुंदर सिंह, जगत सिंह, अजय त्यागी, राकेश त्यागी, मास्टर अरुण त्यागी, सचिन त्यागी, सुभाष आदि ग्रामीणों में आक्रोश है। आश्रम के अध्यक्ष ने बताया कि खसरा संख्या 1348 में 56 बीघा भूमि है जिसमें 28 बीघा भूमि में कब्रिस्तान और 28 बीघा भूमि भूमिया मंदिर की है। इसे वन विभाग अपनी गलत बता रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed