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बागपत: गांवों के लिए साढ़े छह करोड़ का बजट आया, प्रधानों ने कम बताया
Fri, 17 Feb 2023 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 17 Feb 2023 12:06 AM IST
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बागपत। गांवों में विकास कार्य कराने के लिए साढ़े छह करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इसके बाद भी प्रधानों ने बजट को काफी कम बताया है और गांवों में समस्याएं दूर करने के लिए ज्यादा बजट जारी करने की मांग की गई है। वहीं बजट की किस्त देरी से जारी करने के कारण भी विकास कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं।
गांवों के लिए आठ महीने पहले बजट दिया था। वह अधिकतर बजट सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर, स्कूल के बिजली बिल, ग्राम पंचायत के बिजली बिल में खर्च हो गया। इस तरह गांव में विकास कार्यों के लिए नाममात्र का बजट बचा था। उसके बाद से प्रधान बजट का इंतजार कर रहे थे। जिससे बजट मिलने पर गांवों में समस्याओं का निस्तारण कराया जा सके। मगर इस बार भी 15वें वित्त आयोग का करीब साढ़े छह करोड़ रुपये बजट जारी किया है जो 244 ग्राम पंचायतों के लिए काफी कम बताया जा रहा है।
क्योंकि ग्राम पंचायतों की संख्या के अनुसार देखा जाए तो औसतन ढ़ाई लाख रुपये बजट एक पंचायत को मिलेगा। इसमें ही सभी का मानदेय व बिजली बिल दिया जाना है। ऐसे में गांवों की समस्या इस बार भी दूर नहीं हो सकेगी।
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पिछली योजना में बजट काफी आने से विकास कार्य खूब कराए गए। इस बार बजट न के बराबर आ रहा है। जिससे पंचायत सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर, स्कूल का बिजली बिल, ग्राम पंचायत का बिजली बिल ही दिया जाता है। कोई कार्य कराने के लिए बजट नहीं बचता है। बजट को बढ़ाया जाए और उसे जल्द जारी किया जाए। आशीष शर्मा, प्रधान खेड़की
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इस बार बजट ही नहीं मिल रहा है। जिससे गांवों में विकास कार्य नहीं होने से समस्याएं रहती हैं। कई बार अपने खर्च से जरूरी कार्य कराने पड़ते हैं। सरकार को बजट बढ़ाकर और जल्द जारी करना चाहिए। जिससे गांवों में कार्य कराए जा सके और सभी समस्याओं का समाधान हो सके। - प्रीति, प्रधान फैजपुर निनाना--
बजट नहीं मिलने के कारण काफी कार्य कराने में परेशानी आ रही है। गांवों में समस्याओं का समाधान कराने के लिए भी अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं। गांवों में किसी भी तरह से समस्याओं का समाधान होना चाहिए। - जितेंद्र बंसल, प्रधान गोठरा
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गांवों के लिए करीब साढ़े छह करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। वह ग्राम पंचायतों के खाते में भेजना शुरू कर दिया गया है। जिस तरह से बजट आता है, उसे उसी आधार पर जारी कर दिया जाता है। बजट धीरे-धीरे मिल रहा है और उससे कार्य कराए जा रहे है। - अमित त्यागी, डीपीआरओ
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गांवों के लिए आठ महीने पहले बजट दिया था। वह अधिकतर बजट सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर, स्कूल के बिजली बिल, ग्राम पंचायत के बिजली बिल में खर्च हो गया। इस तरह गांव में विकास कार्यों के लिए नाममात्र का बजट बचा था। उसके बाद से प्रधान बजट का इंतजार कर रहे थे। जिससे बजट मिलने पर गांवों में समस्याओं का निस्तारण कराया जा सके। मगर इस बार भी 15वें वित्त आयोग का करीब साढ़े छह करोड़ रुपये बजट जारी किया है जो 244 ग्राम पंचायतों के लिए काफी कम बताया जा रहा है।
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क्योंकि ग्राम पंचायतों की संख्या के अनुसार देखा जाए तो औसतन ढ़ाई लाख रुपये बजट एक पंचायत को मिलेगा। इसमें ही सभी का मानदेय व बिजली बिल दिया जाना है। ऐसे में गांवों की समस्या इस बार भी दूर नहीं हो सकेगी।
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पिछली योजना में बजट काफी आने से विकास कार्य खूब कराए गए। इस बार बजट न के बराबर आ रहा है। जिससे पंचायत सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर, स्कूल का बिजली बिल, ग्राम पंचायत का बिजली बिल ही दिया जाता है। कोई कार्य कराने के लिए बजट नहीं बचता है। बजट को बढ़ाया जाए और उसे जल्द जारी किया जाए। आशीष शर्मा, प्रधान खेड़की
इस बार बजट ही नहीं मिल रहा है। जिससे गांवों में विकास कार्य नहीं होने से समस्याएं रहती हैं। कई बार अपने खर्च से जरूरी कार्य कराने पड़ते हैं। सरकार को बजट बढ़ाकर और जल्द जारी करना चाहिए। जिससे गांवों में कार्य कराए जा सके और सभी समस्याओं का समाधान हो सके। - प्रीति, प्रधान फैजपुर निनाना
बजट नहीं मिलने के कारण काफी कार्य कराने में परेशानी आ रही है। गांवों में समस्याओं का समाधान कराने के लिए भी अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं। गांवों में किसी भी तरह से समस्याओं का समाधान होना चाहिए। - जितेंद्र बंसल, प्रधान गोठरा
गांवों के लिए करीब साढ़े छह करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। वह ग्राम पंचायतों के खाते में भेजना शुरू कर दिया गया है। जिस तरह से बजट आता है, उसे उसी आधार पर जारी कर दिया जाता है। बजट धीरे-धीरे मिल रहा है और उससे कार्य कराए जा रहे है। - अमित त्यागी, डीपीआरओ