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UP: दिन में ईंट सप्लाई, रात में श्रीराम बन जाते हैं आशु वर्मा, ऐसे और भी हैं कई कलाकार
Tue, 27 Sep 2022 07:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Sep 2022 07:46 PM IST
सार
आशु वर्मा दिन में ईंटों की सप्लाई करते हैं, जबकि रात में श्रीराम का किरदार निभाते हैं। इनके अलावा और भी कई लोग हैं, जो अलग-अलग किरदार निभा रहे हैं।
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रामलीला।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बागपत में नगर के ठाकुरद्वारा में श्री रघुवर रामलीला पिछले 122 साल से हो रही है। रामलीला के कलाकार जहां दिन में नौकरी और व्यापार करते हैं, तो वे रात में रामलीला में अपना किरदार निभाकर लोगों का मनोरंजन भी करते हैं।
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श्री ठाकुरद्वारा मोहल्ले में रघुवर रामलीला समिति की ओर से प्रति वर्ष रामलीला का मंचन कराया जाता है। रामलीला में किरदार निभाने वाले रात नौ बजे से करीब 12 बजे तक अपने अभिनय से लोगों का मनोरंजन करके तालियां बटोरते हैं, तो दिन में अपना व्यापार और नौकरी करते हैं। रामलीला में जनक का किरदार निभा रहे आशीष रूहेला दिल्ली रोड स्थित बाइक की एजेंसी में सर्विस एडवाइजर हैं, तो राम का किरदार निभा रहे आशु वर्मा ईंटों की सप्लाई करते हैं।
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अपने तेज ठहाकों से रावण का दमदार अभिनय करने वाले नितिन स्वामी उर्फ काकू पेशे से ज्योतिषाचार्य है। गांधी बाजार में फोटो फ्रेमिंग की दुकान करने वाले सुजीत लखेरा रामलीला में कौशल्या का किरदार निभाते हैं, तो वह अंगद व लक्ष्मण का किरदार भी करते हैं। रामलीला में सुमंत का अभिनय करने वाले सुभाष लखेरा की चूड़ी की दुकान है। दशरथ का अभिनय बिजेंद्र गौतम करते हैं, जो बागपत तहसील में टाइपिंग का कार्य करते हैं।
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श्री रघुवर रामलीला समिति के अध्यक्ष संजय रुहेला का कहना है कि लगभग 122 वर्ष पूर्व उनके पूर्वजों ने समिति का गठन कर कस्बे में रामलीला का मंचन शुरू कराया था। पिछली चार पीढ़ी से उनका परिवार रामलीला का मंचन करा रहा है। सबसे पहले रामस्वरूप रुहेला, श्लेख चंद गुप्ता, रामकिशन लखेरा, शांति जैन, राम लिच्छा, शीतल जैन ने नगर में रामलीला का मंचन शुरू कराया था।
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