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ईंट भट्टा कारोबार: माल तैयार, डिमांड का इंतजार

Tue, 16 Jun 2020 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2020 11:24 PM IST
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Brick kiln business: goods ready, waiting for demand
बड़ौत। जिले का ईंट उद्योग दम तोड़ रहा है। कोरोना लॉकडाउन लेबर की कमी और अब कम मांग से कारोबारी पस्त हैं। आलम यह है कि लॉकडाउन से पूर्व ईट भट्ठों का जो व्यापार होता था, अब वह घटकर मात्र 20 प्रतिशत रह गया है।
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आंकड़ों के अनुसार जनपद में 400 ईंट भट्ठे संचालित है। इनमें से प्रतिदिन एक हजार ट्रक यानी 70 लाख ईंटें हरियाणा, दिल्ली, सोनीपत, सहारनपुर, गाजियबाद, लोनी सहित अन्य जनपदों में भेजी जाती थी। मगर, लॉकडाउन की वजह से अब कारोबार घटकर मात्र 20 प्रतिशत रह गया है। इससे भट्टा कारोबारी बेहाल हैं। कोरोना लॉकडाउन में ठप रहे काम ने इनका बजट बिगाड़ दिया है। बेमौसम बरसात की भी भट्टा संचालकों पर मार पड़ी है। मुनाफा भूल चुके कारोबारी अब कम से कम घाटे की जुगत भिड़ा रहे हैं। लेकिन रुके निर्माण से घटी ईंट की मांग से इनका घाटा बढ़ता ही जा रहा है।
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क्या कहते है ईट भट्ठा संचालक
जनपद ईट निर्माण समिति के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह राणा का कहना है कि अप्रैल से शुरू होने वाला सीजन ईंट उद्योग के लिए सबसे अच्छा रहता है। बरसात के चलते हर भट्टे पर क्षमता के अनुसार बीस से पचास लाख तक का स्टॉक रहता है। मगर, इस बार पुराने घाटे की भरपाई के लिए स्टॉक तो है लेकिन मांग आधी भी नहीं है। सरकारी काम रुके हैं। निजी काम भी नहीं हो रहे।
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भट्ठा संचालक वेदपाल व रणवीर सिंह का कहना है कि जनपद के ईट भट्ठों पर करोड़ों की ईंटें तैयार है, लेकिन डिमांड नहीं है। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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