फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Booksellers have to bear the loss of millions

पुस्तक विक्रेताओं को उठाना पड़ा लाखों का नुकसान

Sat, 29 May 2021 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 May 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
Booksellers have to bear the loss of millions
बड़ौत। कोरोना महामारी सेे पुस्तक विक्रेेताओं की परेशानी को भी बढ़ा दिया है। लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद है। बड़ौत नगर मेें ही स्टेशनरी की लगभग 30 से 40 दुुकानें हैं। इनसे प्रतिमाह लाखों रुपये के किताबों की बिक्री होती है। अप्रैल, मई व जून में किताबों की बिक्री का सीजन होता था, जिससे हर दुकानदार लाखों की आमदनी करता है। मगर, लॉकडाउन के कारण किताबों की बिक्री न होने से दुकानदारों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन

क्या बोले पुस्तक विक्रेता
वीके प्रकाशन के राजेश जैन भारती ने बताया कि अप्रैल माह में बिक्री के सीजन को देखते हुए बैंकों से पैसे लेकर किताबें हमने मंगा ली थी। बैंकों को ब्याज देना भारी पड़ रहा है। हमें लगभग प्रतिमाह एक से डेढ़ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। अब कब दुकानें खुलेंगी, इसका कुछ पता नहीं।
विज्ञापन

आरना बुक एजेंसी के सचिन जैन व विशाल बुक एजेंसी के पुनीत जैन का कहना है कि उनके यहां से डिग्री कॉलेज में पुस्तकों की बिक्री करते हैं। विगत एक माह से घर में बैठे है। इससे बुरा दिन पहले कभी नहीं देखा था। अब तक दो से तीन लाख रुपये का नुकसान उठा चुके है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिंटी किताब के संचालक वीरेंद्र कुमार जैन, नीरज पुस्तक सदन के संचालक पंकज जैन का कहना है कि स्कूल कॉलेज सभी बंद चल रहे हैं। बिक्री की आस में लाखों रुपये का माल मंगा लिया था, जो गोदाम में पड़ा है। काफी दिनों से दुकान बंद है। लगभग चार से पांच लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed