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Baghpat News: बोबिन की जिंदगी 12 मिनट से बची
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बोबिन की जिंदगी 12 मिनट से बची की खबर से संबंधित फोटो। अग्रवाल मंडी टटीरी में घर पहुंचने के ब
- एमसीडी में ठेकेदारी करते हैं अग्रवाल मंडी टटीरी के बोबिन, आतंकी धमाके वाली जगह से 12 मिनट पहले ही निकले
- बागपत के इंजीनियर पंकज भी एक किमी दूर थे धमाके के वक्त, उसी जगह जाना था सीसीटीवी कैमरे का सामान लेने
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी की देशवाल पट्टी के रहने वाले बोबिन भारद्वाज सोमवार शाम के उन 12 मिनट को कभी नहीं भूलेंगे जिससे उनकी जिंदगी बच गई। दिल्ली में लालकिले के पास धमाके वाली रेडलाइट से बोबिन ठीक 12 मिनट पहले ही निकले थे।
बोबिन भारद्वाज वर्ष 2007 से एमसीडी में ठेकेदारी करते हैं। वह दिल्ली में आशा मार्केट से निकलकर अपनी गाड़ी में शाम करीब 6:40 बजे लालकिले के पास उसी रेडलाइट पर पहुंचे। वहां से गोल डाकखाना तक पहुंचे तो जोरदार धमाके की आवाज आई। वह कुछ समझते उससे पहले ही वहां से निकल गए। उनके पास कुछ देर बाद परिवार वालों का फोन आया और उनका हालचाल पूछने लगे। तब उनको धमाके का पता चला।
- धमाके वाली जगह से एक किमी दूर थे पंकज
बागपत में कोर्ट रोड की गली नंबर छह में रहने वाले कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर पंकज भारद्वाज अपने साथी राहुल के साथ सोमवार को दिल्ली में सीसीटीवी कैमरों का सामान लेने के लिए गए थे। उनको लोनी समेत कई जगह जाम मिला तो उनको पहुंचने में देरी हो गई। लाल किले से एक किमी दूर थे तो सोशल मीडिया पर धमाके की खबर आई। राहुल ने मोबाइल में यह खबर देखकर पंकज को बताई तो वे तुरंत वापस आ गए।
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- जाम की वजह से कन्हैया नहीं पहुंचे दिल्ली
शहर में कोर्ट रोड पर इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान करने वाले कन्हैया गुप्ता ने बताया कि वह अपने साथी सेल्समैन सौराज के साथ सोमवार को सामान लेने के लिए दिल्ली गए थे। वह अधिकतर सोमवार को सामान लेने के लिए जाते हैं। वह शाम करीब 5:40 बजे दरियागंज पहुंचे और वहां से लालकिले के पास मार्केट में खरीदारी करने जा रहे थे मगर दरियागंज में लंबा जाम लग गया। जाम के कारण उन्होंने वहां से सामान खरीदने का इरादा बदल दिया और बिना खरीदारी किए ही राजघाट होते हुए दिल्ली बस अड्डे पहुंचे, जहां से वापस बागपत लौट आए। वह कहते हैं कि शायद किस्मत अच्छी थी जो वहां नहीं गए और बच गए।
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- बागपत के इंजीनियर पंकज भी एक किमी दूर थे धमाके के वक्त, उसी जगह जाना था सीसीटीवी कैमरे का सामान लेने
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी की देशवाल पट्टी के रहने वाले बोबिन भारद्वाज सोमवार शाम के उन 12 मिनट को कभी नहीं भूलेंगे जिससे उनकी जिंदगी बच गई। दिल्ली में लालकिले के पास धमाके वाली रेडलाइट से बोबिन ठीक 12 मिनट पहले ही निकले थे।
बोबिन भारद्वाज वर्ष 2007 से एमसीडी में ठेकेदारी करते हैं। वह दिल्ली में आशा मार्केट से निकलकर अपनी गाड़ी में शाम करीब 6:40 बजे लालकिले के पास उसी रेडलाइट पर पहुंचे। वहां से गोल डाकखाना तक पहुंचे तो जोरदार धमाके की आवाज आई। वह कुछ समझते उससे पहले ही वहां से निकल गए। उनके पास कुछ देर बाद परिवार वालों का फोन आया और उनका हालचाल पूछने लगे। तब उनको धमाके का पता चला।
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- धमाके वाली जगह से एक किमी दूर थे पंकज
बागपत में कोर्ट रोड की गली नंबर छह में रहने वाले कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर पंकज भारद्वाज अपने साथी राहुल के साथ सोमवार को दिल्ली में सीसीटीवी कैमरों का सामान लेने के लिए गए थे। उनको लोनी समेत कई जगह जाम मिला तो उनको पहुंचने में देरी हो गई। लाल किले से एक किमी दूर थे तो सोशल मीडिया पर धमाके की खबर आई। राहुल ने मोबाइल में यह खबर देखकर पंकज को बताई तो वे तुरंत वापस आ गए।
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- जाम की वजह से कन्हैया नहीं पहुंचे दिल्ली
शहर में कोर्ट रोड पर इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान करने वाले कन्हैया गुप्ता ने बताया कि वह अपने साथी सेल्समैन सौराज के साथ सोमवार को सामान लेने के लिए दिल्ली गए थे। वह अधिकतर सोमवार को सामान लेने के लिए जाते हैं। वह शाम करीब 5:40 बजे दरियागंज पहुंचे और वहां से लालकिले के पास मार्केट में खरीदारी करने जा रहे थे मगर दरियागंज में लंबा जाम लग गया। जाम के कारण उन्होंने वहां से सामान खरीदने का इरादा बदल दिया और बिना खरीदारी किए ही राजघाट होते हुए दिल्ली बस अड्डे पहुंचे, जहां से वापस बागपत लौट आए। वह कहते हैं कि शायद किस्मत अच्छी थी जो वहां नहीं गए और बच गए।

बोबिन की जिंदगी 12 मिनट से बची की खबर से संबंधित फोटो। अग्रवाल मंडी टटीरी में घर पहुंचने के ब

बोबिन की जिंदगी 12 मिनट से बची की खबर से संबंधित फोटो। अग्रवाल मंडी टटीरी में घर पहुंचने के ब