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परदेश में रहकर भी दिलों में धड़कता है वतन
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चीन में योगाभ्यास कराता रोबिन पंवार।
- फोटो : BARAUT
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- कोरोना के कारण लंबे समय से घर नहीं लौट सके हैं विदेश में रह रहे जिले के लोग
- वैज्ञानिक डॉ रामकरण शर्मा जिले के लोगों को आगे बढ़ने के लिए कर रहे प्रेरित
बागपत। भविष्य और कॅरियर के लिए जिले के लोग अलग-अलग देशों में रह रहे हैं, लेकिन दिल अपने वतन के लिए ही धड़कता है। कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय से वापस नहीं लौट सके हैं। सभी हालात सही होने का इंतजार कर रहे हैं। विदेश में रहते हुए भी अपने गांव और जिले के लोगों का सहयोग कर रहे हैं, आगे बढ़ने की प्रेरणा बने हुए हैं।
चीन में डटा हुआ दोघट का रोबिन
बागपत। कोरोना संक्रमण के बावजूद जिले के दोघट का रोबिन पंवार अपनी पत्नी के साथ चीन में डटा हुआ है। ग्वांग्झू शहर में रोबिन येागा सेंटर चलाता है। उसकी पत्नी चीन की ही रहने वाली है। कोरोना संक्रमण के कारण मार्च 2020 से अब तक अपने घर नहीं लौट सका है। रोबिन का कहना है कि वह वीडियो कॉल के जरिए लगातार परिवार के संपर्क में रहता है। कोरोना पर नियंत्रण होते ही और हालात में सुधार के साथ ही वह अपनों के बीच पहुंचने के लिए बेताब है। विदेश में रहते हुए भी वह कस्बे के युवाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करता है।
बहुत आती है वतन की याद : डॉ रामकरण शर्मा
बागपत। जिले के गांव ट्योढ़ी निवासी वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा जर्मनी, इटली, सऊदी अरब और फ्रांस के शोधकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। परिवार के साथ सऊदी में रह रहे डॉ रामकरण शर्मा कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय से अपने घर वापस नहीं लौट सके हैं। लेकिन ग्रामीणों के साथ लगातार उनका जुड़ाव रहता है। पिछले दिनों ही डॉ रामकरण शर्मा के सम्मान में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। वह कहते हैं कि अपने घर और वतन की याद आती है। हालात दुुरुस्त होते ही वह अपने घर लौटेंगे।
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- वैज्ञानिक डॉ रामकरण शर्मा जिले के लोगों को आगे बढ़ने के लिए कर रहे प्रेरित
बागपत। भविष्य और कॅरियर के लिए जिले के लोग अलग-अलग देशों में रह रहे हैं, लेकिन दिल अपने वतन के लिए ही धड़कता है। कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय से वापस नहीं लौट सके हैं। सभी हालात सही होने का इंतजार कर रहे हैं। विदेश में रहते हुए भी अपने गांव और जिले के लोगों का सहयोग कर रहे हैं, आगे बढ़ने की प्रेरणा बने हुए हैं।
चीन में डटा हुआ दोघट का रोबिन
बागपत। कोरोना संक्रमण के बावजूद जिले के दोघट का रोबिन पंवार अपनी पत्नी के साथ चीन में डटा हुआ है। ग्वांग्झू शहर में रोबिन येागा सेंटर चलाता है। उसकी पत्नी चीन की ही रहने वाली है। कोरोना संक्रमण के कारण मार्च 2020 से अब तक अपने घर नहीं लौट सका है। रोबिन का कहना है कि वह वीडियो कॉल के जरिए लगातार परिवार के संपर्क में रहता है। कोरोना पर नियंत्रण होते ही और हालात में सुधार के साथ ही वह अपनों के बीच पहुंचने के लिए बेताब है। विदेश में रहते हुए भी वह कस्बे के युवाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करता है।
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बहुत आती है वतन की याद : डॉ रामकरण शर्मा
बागपत। जिले के गांव ट्योढ़ी निवासी वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा जर्मनी, इटली, सऊदी अरब और फ्रांस के शोधकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। परिवार के साथ सऊदी में रह रहे डॉ रामकरण शर्मा कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय से अपने घर वापस नहीं लौट सके हैं। लेकिन ग्रामीणों के साथ लगातार उनका जुड़ाव रहता है। पिछले दिनों ही डॉ रामकरण शर्मा के सम्मान में कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। वह कहते हैं कि अपने घर और वतन की याद आती है। हालात दुुरुस्त होते ही वह अपने घर लौटेंगे।
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