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बैंकों की हड़ताल, एटीएम भी खराब, लोग रहे परेशान
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बागपत के मेरठ रोड स्थ्ति केनरा बैंक के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी
- फोटो : BAGHPAT
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- निजीकरण के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से पहले दिन करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित
- जिले के 110 एटीएम में से 80 खराब मिले तो कई में दोपहर तक रुपये खत्म हुए, लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
- बागपत व बड़ौत में बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया, 125 शाखाओं में 190 कर्मियों की चल रही कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। निजीकरण सहित अन्य समस्याओं के विरोध में बृहस्पतिवार से राष्ट्रीयकृत बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। पहले दिन में जिले भर में करीब 125 शाखाएं बंद रही। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इससे करीब 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। उधर, जिले के 110 एटीएम में से 80 खराब मिले तो कई जगह दोपहर तक ही रुपये खत्म हो गए, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर प्रदेश सहायक सचिव सतपाल सिंह के नेतृत्व में केनरा बैंक शाखा के सामने धरना दिया। वक्ताआें ने कहा कि बैंक शाखाओं में कर्मियों की काफी कमी चल रही है। अकेले बागपत जिले में करीब 190 कर्मी कम है। कार्यरत करीब 590 कर्मियों पर काफी भार है। इस दौरान मोहित नागर, बिजेंद्र कुमार, नंदकिशोर, कपिल कुमार, रोहित कुमार, मोहित चौहान, बलराम कुमार आदि मौजूद रहे।
बड़ौत में केनरा बैंक शाखा बिनौली रोड पर सभी कर्मी एकत्रित हुए और केंद्र सरकार की निजीकरण नीति, श्रम विरोधी नीतियों सहित अन्य समस्याओं के खिलाफ नारेबाजी की गई। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक विक्रम आर्य, संजीव तोमर व सचिन पंवार ने बताया कि सरकार बैंकों को निजी हाथों में साैंपना चाहती है, जिससे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान गंगाराम मिश्रा, गौरव पंवार, राहुल, अंकुश पंवार, कपिल पंवार, राहुल गोस्वामी, मनीष कुमार, मदन कुमार, महेश कुमार, बिल्लू, भूपेंद्र, बिजेंद्र, दीपक कुमार, राजेश कुमार झा, देवेन्द्र कुमार, राजकुमार, राकेश, सचिन पंवार, सचिन कुमार, अशोक सक्सेना, अक्षय कुमार, नीरज, राजेश कुमार, भूपेंद्र, अधीर कुमार भारती, सचिन, दीपक कुमार, मौहम्मद नवाज, मुकेश तंवार, सन्नी आदि शामिल रहे।
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बैंक से मायूस लौटे उपभोक्ता, एटीएम भी नहीं चले
गठीना गांव के अंकुश कुमार एडवोकेट को चालान का पैसा जमा कराना था। उन्होंने बताया कि अब चालान जमा नहीं होने से अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा। मवीखुर्द के रहने वाले सनी उज्ज्वल ने बताया कि लोन जमा करने के लिए करीब 30 किमी दूर से आया था। लेकिन बैंक बंद होने के कारण अब अतिरिक्त ब्याज लगेगा। बड़ौत में गुराना रोड का रहने वाला अमर महेश्वरी ने बताया कि सरकार की योजना के तहत बेटी की शादी की थी, उसका पैसा खाते में आना था। उसे ही जरूरी कार्य के लिए निकालने को आया था, लेकिन बैंक बंद है और एटीएम भी खराब है। फतेहपुर पुट्ठी का रहने वाला गुड्डू तोमर बैंक में पासबुक पर एंट्री कराने के साथ ही खाद खरीदने के लिए रुपये निकालने आया था। उसे भी मायूस लौटना पड़ा।
बैंक कर्मियों की ये मांग
- पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था।
- मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय।
- नई पेंशन योजना (एनपीएस) को समाप्त करें।
- पेंशन का अद्यतनीकरण।
- पारिवारिक पेंशन में सुधार।
- परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष को आवंटन।
- बिना सीमा के सेवानिवृत्त लाभों पर आयकर से छूट।
- शाखाओं में कारोबार के समय भोजनावकाश आदि का एक समान निर्धारण।
- अवकाश बैंक की शुरूआत।
- अधिकारियों के लिए काम के घंटे निश्चित।
- ठेका कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन।
बैंक शाखाओं की हड़ताल के कारण करीब सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। लोगों को परेशानी नहीं हो, उसके लिए एटीएम में रुपये डलवाए गए थे। जितने एटीएम खराब है, उनको ठीक कराने के लिए कहा गया है। - राजेश पंत, एलडीएम।
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- जिले के 110 एटीएम में से 80 खराब मिले तो कई में दोपहर तक रुपये खत्म हुए, लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
- बागपत व बड़ौत में बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया, 125 शाखाओं में 190 कर्मियों की चल रही कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। निजीकरण सहित अन्य समस्याओं के विरोध में बृहस्पतिवार से राष्ट्रीयकृत बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। पहले दिन में जिले भर में करीब 125 शाखाएं बंद रही। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इससे करीब 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। उधर, जिले के 110 एटीएम में से 80 खराब मिले तो कई जगह दोपहर तक ही रुपये खत्म हो गए, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर प्रदेश सहायक सचिव सतपाल सिंह के नेतृत्व में केनरा बैंक शाखा के सामने धरना दिया। वक्ताआें ने कहा कि बैंक शाखाओं में कर्मियों की काफी कमी चल रही है। अकेले बागपत जिले में करीब 190 कर्मी कम है। कार्यरत करीब 590 कर्मियों पर काफी भार है। इस दौरान मोहित नागर, बिजेंद्र कुमार, नंदकिशोर, कपिल कुमार, रोहित कुमार, मोहित चौहान, बलराम कुमार आदि मौजूद रहे।
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बड़ौत में केनरा बैंक शाखा बिनौली रोड पर सभी कर्मी एकत्रित हुए और केंद्र सरकार की निजीकरण नीति, श्रम विरोधी नीतियों सहित अन्य समस्याओं के खिलाफ नारेबाजी की गई। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक विक्रम आर्य, संजीव तोमर व सचिन पंवार ने बताया कि सरकार बैंकों को निजी हाथों में साैंपना चाहती है, जिससे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान गंगाराम मिश्रा, गौरव पंवार, राहुल, अंकुश पंवार, कपिल पंवार, राहुल गोस्वामी, मनीष कुमार, मदन कुमार, महेश कुमार, बिल्लू, भूपेंद्र, बिजेंद्र, दीपक कुमार, राजेश कुमार झा, देवेन्द्र कुमार, राजकुमार, राकेश, सचिन पंवार, सचिन कुमार, अशोक सक्सेना, अक्षय कुमार, नीरज, राजेश कुमार, भूपेंद्र, अधीर कुमार भारती, सचिन, दीपक कुमार, मौहम्मद नवाज, मुकेश तंवार, सन्नी आदि शामिल रहे।
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बैंक से मायूस लौटे उपभोक्ता, एटीएम भी नहीं चले
गठीना गांव के अंकुश कुमार एडवोकेट को चालान का पैसा जमा कराना था। उन्होंने बताया कि अब चालान जमा नहीं होने से अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा। मवीखुर्द के रहने वाले सनी उज्ज्वल ने बताया कि लोन जमा करने के लिए करीब 30 किमी दूर से आया था। लेकिन बैंक बंद होने के कारण अब अतिरिक्त ब्याज लगेगा। बड़ौत में गुराना रोड का रहने वाला अमर महेश्वरी ने बताया कि सरकार की योजना के तहत बेटी की शादी की थी, उसका पैसा खाते में आना था। उसे ही जरूरी कार्य के लिए निकालने को आया था, लेकिन बैंक बंद है और एटीएम भी खराब है। फतेहपुर पुट्ठी का रहने वाला गुड्डू तोमर बैंक में पासबुक पर एंट्री कराने के साथ ही खाद खरीदने के लिए रुपये निकालने आया था। उसे भी मायूस लौटना पड़ा।
बैंक कर्मियों की ये मांग
- पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था।
- मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय।
- नई पेंशन योजना (एनपीएस) को समाप्त करें।
- पेंशन का अद्यतनीकरण।
- पारिवारिक पेंशन में सुधार।
- परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष को आवंटन।
- बिना सीमा के सेवानिवृत्त लाभों पर आयकर से छूट।
- शाखाओं में कारोबार के समय भोजनावकाश आदि का एक समान निर्धारण।
- अवकाश बैंक की शुरूआत।
- अधिकारियों के लिए काम के घंटे निश्चित।
- ठेका कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन।
बैंक शाखाओं की हड़ताल के कारण करीब सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। लोगों को परेशानी नहीं हो, उसके लिए एटीएम में रुपये डलवाए गए थे। जितने एटीएम खराब है, उनको ठीक कराने के लिए कहा गया है। - राजेश पंत, एलडीएम।