बागपत : जिपं अध्यक्ष पद पर भाजपा-रालोद के बीच कड़ा मुकाबला, 2022 विधानसभा चुनाव के लिए जयंत चौधरी ने शुरू की तैयारी
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पूरे प्रदेश में हर बूथ पर कार्यकर्ता और संगठन को मजबूत करने के लिए चुनाव अभियान 2022 समिति का गठन किया है।
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बागपत जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। जिपं अध्यक्ष पद के चुनाव में हमेशा रालोद प्रत्याशी के सिर ही जीत का सेहरा सजा। पिछले वर्षों में हुए चुनावों में भी उलटफेर हुए, लेकिन हमेशा रालोद का प्रत्याशी ही जीता। इस बार देखना है कि भाजपा और रालोद के बीच इस चुनावी टक्कर में किसकी जीत होती है। यह भी पहली बार होगा कि कोई अनुसूचित जाति की महिला इस पद पर बैठेगी।
बागपत वर्ष 1997 में पृथक जिला बना था। जिला बनने के बाद 1998 में हुए पहले चुनाव में शकुन यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं थीं। साल 2000 में ओंकार यादव ने इस पद पर जीत हासिल की थी। साल 2005 में विधायक योगेश धामा की पत्नी रेणू धामा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई थीं।
वर्ष 2010 में योगेश धामा जिला पंचायत अध्यक्ष बने। इसके बाद 2015 में फिर से उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन हुई थी। ये सभी रालोद के प्रत्याशी थे। इस बार रालोद की ममता देवी और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई बबली देवी के बीच कड़ी टक्कर है। इनमें से किसकी जीत होती है, यह तीन जुलाई को ही पता चलेगा।
नामांकन वापस करने पहुंची फर्जी प्रत्याशी का नहीं लगा कोई सुराग
रालोद की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी ममता देवी का नामांकन वापस लेने वाली महिला के बारे में अभी तक भी प्रशासन पता नहीं लगा सका है। प्रशासन की इस चूक पर अभी तक रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई है। गुरुवार को रालोद नेताओं का प्रतिनिधिमंडल इस मामले में कार्रवाई के लिए अधिकारियों से भी मिला।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया में मंगलवार को नामांकन वापसी का दिन था। मेरठ नंबर की स्विफ्ट गाड़ी में तीन महिला और एक युवक जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय पहुंचे। एक महिला ने खुद को रालोद प्रत्याशी ममता देवी बताते हुए नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद मीडिया से बचते हुए तेजी से निकल गए। इस घटनाक्रम के बाद रालोद नेताओं ने जमकर बवाल काटा। इसके बाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया।
ममता का पर्चा बहाल करने की घोषणा की गई और मामले की जांच कराकर फर्जी प्रत्याशी बनकर आई महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। मगर, अभी तक महिला के बारे में प्रशासन कोई सुराग नहीं तलाश पाया है। इस मामले में कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई है। एएसपी मनीष मिश्रा का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जयंत चौधरी ने शुरू की 2022 विधानसभा चुनाव की तैयारी, बनाया ये प्लान
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पूरे प्रदेश में हर बूथ पर कार्यकर्ता और संगठन को मजबूत करने के लिए चुनाव अभियान 2022 समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के निश्चय और संघर्ष को आम जन तक पहुंचाने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। दूसरी राजनीतिक दलों के नेतागण भी राष्ट्रीय लोकदल के साथ जुड़ रहे हैं। स्थापित नेताओं के आने से जहां एक राजनीतिक दिशा के संकेत मिल रहे हैं, वहीं अगर किसान विरोधी व विकास विरोधी ताकतों का मुकाबला करना है तो पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर ध्यान देना होगा।
उन्होंने चुनाव अभियान 2022 समिति के जिला संयोजक पदों पर एक सप्ताह में पूरे प्रदेश में नियुक्तियां करने के निर्देश दिए हैं। हर बूथ, जीतेगा यूथ का नारा लेकर जिला संयोजक चुनाव प्रबंधन को बल देंगे।
जिला संयोजक की जिम्मेदारी होगी कि जिले के मुख्य संगठन व फ्रंटल संगठन की इकाई से समन्वय रखते हुए कार्य करेंगे। संगठन में हर स्तर पर मौजूदा पदाधिकारी चुनाव अभियान 2022-समिति और चयनित जिला संयोजकों का सहयोग करेंगे।
समिति के अध्यक्ष व सदस्यगण
अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह के अलावा सदस्यगण डॉ. यशपाल सिंह बघेल, अश्वनी तोमर, भोपाल सिंह, कुंवर अयूब अली, ऐश्वर्यराज सिंह, डॉ. सुशील कुमार हैं।