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अभी तक नहीं हुई बागपत की अनामिका की पहचान
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बागपत। बड़ौत के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में ढाई माह तक तैनात रही फर्जी अनामिका शुक्ला की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस शिक्षिका की कॉल डिटेल के आधार पर जांच में जुटी हुई है।
अनामिका के नाम से फर्जी नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है। रिकार्ड के अनुसार अनामिका ने 31 दिसंबर को विद्यालय में ज्वानिंग ली थी। उसने 13 मार्च को कार्य करने में असमर्थता जताते हुए डाक के माध्यम से अपना इस्तीफा भेज दिया था। फर्जी नियुक्ति का खुलासा होने के बाद बीएसए राजीव रंजन मिश्र ने सात जून को शिक्षिका के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के दस दिन बाद भी फर्जी शिक्षिका की पहचान नहीं हो पाई है।
जांच अधिकारी एसएसआई धुरेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षिका ने नियुक्ति के दौरान अपना पता मैनपुरी का बताया था। बृहस्पतिवार को शिक्षिका के पते की जांच के लिए मैनपुरी जाएंगे। विद्यालय में फर्जी नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका स्टाफ के साथ समय नहीं बीताती थी। शिक्षिका के मोबाइल नंबर की सर्विलांस के माध्यम से कॉल डिटेल खंगाली जा रही है कि शिक्षिका किस-किस से बात करती थी। कॉल डिटेल मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अनामिका के नाम से फर्जी नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है। रिकार्ड के अनुसार अनामिका ने 31 दिसंबर को विद्यालय में ज्वानिंग ली थी। उसने 13 मार्च को कार्य करने में असमर्थता जताते हुए डाक के माध्यम से अपना इस्तीफा भेज दिया था। फर्जी नियुक्ति का खुलासा होने के बाद बीएसए राजीव रंजन मिश्र ने सात जून को शिक्षिका के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के दस दिन बाद भी फर्जी शिक्षिका की पहचान नहीं हो पाई है।
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जांच अधिकारी एसएसआई धुरेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षिका ने नियुक्ति के दौरान अपना पता मैनपुरी का बताया था। बृहस्पतिवार को शिक्षिका के पते की जांच के लिए मैनपुरी जाएंगे। विद्यालय में फर्जी नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका स्टाफ के साथ समय नहीं बीताती थी। शिक्षिका के मोबाइल नंबर की सर्विलांस के माध्यम से कॉल डिटेल खंगाली जा रही है कि शिक्षिका किस-किस से बात करती थी। कॉल डिटेल मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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