फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Baghpat: Rajbaha has been dry for five years, farmers of more than half a dozen villages are upset

बागपत: पांच साल से सूखा पड़ा रजबहा, आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसान परेशान

Wed, 16 Feb 2022 11:20 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 16 Feb 2022 11:20 AM IST
सार

स्थानीय किसानों के अनुसार पिछले पांच साल से रजबहे में पानी नही छोड़ा गया है, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। पानी के अभाव में किसानों की खेती प्रभावित हो रही है।

विज्ञापन
Baghpat: Rajbaha has been dry for five years, farmers of more than half a dozen villages are upset
farmer news, रजबहा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत में अमीनगर सराय क्षेत्र के कस्बा सराय से सटे मीरापुर रजबहा पांच साल से सूखा पड़ा है। सफाई व पानी न आने से रजबहे में झाड़ियां उग गई है। किसान नलकूपों से फसलों की सिंचाई करने के लिए विवश है। इससे जेब पर भार पड़ रहा है और लागत भी बढ़ रही है। किसान कई बार रजबहे की सफाई कराने व पानी छोड़े जाने की मांग कर चुके हैं, मगर हर बार सिफ आश्वासन ही मिला।

विज्ञापन


मीरापुर रजबहा बड़ौत से तितरौदा, तिलपनी, रामनगर, लुहारा, खिंदौड़ा, कस्बा अमीनगर सराय, पूठड़, पिलाना सहित अन्य गांव से होकर निकल रहा है। इस रजबहे में पिछले पांच सालों से पानी नहीं छोड़ा गया है। पानी न आने से रजबहा गंदगी से अट गया है और इसमें लंबी-लंबी घास और झाड़ियां उग गई है। पानी न छोड़े जाने से सबसे अधिक परेशानी किसानों को उठानी पड़ती है। सबसे अधिक दिक्कत फसलों की बुआई के समय होती है। किसान कई बार रजबहे की सफाई कराकर पानी छोड़े जाने की मांग कर चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP Elections 2022: योगी के मंत्री पर एफआईआर दर्ज, सेक्टर मजिस्ट्रेट ने लगाए ये गंभीर आरोप, पढ़िए क्या है मामला

विज्ञापन
विज्ञापन

रजबहे में नहीं छोड़ा जाता पानी 
कुछ साल पहले रजबहे के पानी से ही खेतों की सिंचाई की जाती थी। पिछले पांच साल से रजबहे में पानी नही छोड़ा गया है, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। पानी के अभाव में किसानों की खेती प्रभावित हो रही है। - सुंदरपाल 

नलकूपों के सहारे कर रहे फसलों की सिंचाई 
रजबहे में पानी नही आने के बाद से लोग नलकूपों के भरोसे फसलों की सिंचाई कर रहे है। छोटे और मझले किसानों को नलकूप लगाने में भी दिक्कतें आती है। - ईश्वर शर्मा  
यह भी पढ़ें: 
UP Elections 2022: मेरठ की इस सीट पर गुर्जरों ने बिगाड़ा प्रत्याशियों का गणित, जानें क्या बन रहे समीकरण

किसानों को उठानी पड़ रही परेशानी 
रजबहे से फसलों की सिंचाई करने वाले किसान दूसरे विकल्पों से सिंचाई करने के लिए विवश है। काफी किसानों को दूर नलकूपों से भी सिंचाई के लिए पानी लाना पड़ता है, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। - ओमबीर यादव 

नलकूप से सिंचाई करने से बढ़ गई लागत 
रजबहे में पानी आने से सिंचाई जल्दी हो जाती थी, जबकि नलकूप से सिंचाई करने में अधिक समय लगता है। और खर्चा भी अधिक आता है। नलकूपों से फसलों की सिंचाई करने से फसलों की लागत बढ़ गई है। - नितिन यादव 

एक बीघा की सिंचाई के लिए खर्च करने पड़ रहे 150 से 200 रुपये
डीजल इंजन से एक बीघा फसल की सिंचाई करने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। इंजन एक घंटे में कम से एक से डेढ़ लीटर डीजल की खपत होती है। इससे किसानों को एक बीघा फसल की सिंचाई के लिए 150 से दो सौ रुपये तक खर्च करने पड़ रहे है। उधर, बिजली के नलकूप से सिंचाई करने के लिए 50 रुपये प्रति घंटा किराया लिया जाता है। किसानों को एक बीघा फसल की सिंचाई के लिए 75 रुपये खर्च करने पड़ रहे है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed