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Baghpat: महिला अस्पताल में दर्द से तड़पती रही गर्भवती, नहीं मिले डॉक्टर-नर्स; बरामदे में हो गया प्रसव; हंगामा

Thu, 25 Jun 2026 11:23 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Mohd Mustakim Updated Thu, 25 Jun 2026 11:23 PM IST
सार

बागपत के फैजपुर निनाना गांव की महिला को प्रसव के लिए महिला अस्पताल लाया गया था। परिजन चिकित्सक व कर्मचारियों को ढूंढते रहे, लेकिन वे नहीं मिले, तो बरामदे में प्रसव हो गया। यहां कई प्रसूताओं के परिजनों ने पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगाया।

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Baghpat: Pregnant woman writhed in pain at the women's hospital as no doctor or nurse was available
बरामदे में खड़े आक्रोश जताते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महिला अस्पताल से बुधवार रात को चिकित्सक गायब रहीं तो नर्स व कर्मी आराम से सोते रहे। वहां फैजपुर निनाना की निकेता रानी प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। पति दीपक ने हंगामा किया तो निकेता को लेबर रूम में लेकर जाने लगे, मगर बरामदे में ही उसे प्रसव हो गया। इसमें लापरवाही पर आउटसोर्स पर लगी नर्स आरती की सेवा समाप्त कर दी गई तो वार्ड आया नीलम व सफाईकर्मी पुष्पा को हटा दिया गया।
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Baghpat: Pregnant woman writhed in pain at the women's hospital as no doctor or nurse was available
महिला अस्पताल में अन्य लोगों ने भी पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। - फोटो : अमर उजाला
फैजपुर निनाना गांव के दीपक कुमार निजी स्कूल में पीटीआई हैं। उनकी पत्नी निकेता रानी को बुधवार शाम साढ़े सात बजे प्रसव पीड़ा हुई तो वह उनको महिला अस्पताल में लेकर पहुंचे। दीपक ने बताया कि वहां मौजूद चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव में पांच दिन का समय बताते हुए उन्हें वापस गांव भेज दिया। 
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उनकी पत्नी को दोबारा प्रसव पीड़ा होने लगी तो वह पुन: महिला अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां उनको भर्ती करने के लिए कर्मियों ने पांच हजार रुपये मांगे। रुपये देने से इंकार कर दिया तो स्वास्थ्यकर्मी वहां से चली गईं। काफी देर बाद उनकी पत्नी को भर्ती किया गया।
 
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दीपक ने बताया कि रात में पत्नी की हालत बिगड़ने पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को बुलाया, लेकिन वे नहीं आए। जब हालत ज्यादा खराब होने लगी तो उन्होंने हंगामा कर दिया। रात में करीब ढाई बजे आई स्वास्थ्यकर्मी वहां से निकेता को लेबर रूम में लेकर जाने लगी, तभी पीएनसी वार्ड के बरामदे में प्रसव हो गया और निकेता ने बच्ची को जन्म दिया। कर्मियों ने प्रसूता और बच्ची को भर्ती कराके उपचार शुरू किया। दोनों की हालत ठीक है।
 
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परिजनों के हंगामा करने पर जांच कराई, तीन पर कार्रवाई
दीपक कुमार ने अस्पताल में बृहस्पतिवार सुबह गांव से लोगों को बुलाकर हंगामा किया। परिवार के रोहित धनखड़ ने आरोप लगाया कि अस्पताल में रात में कोई चिकित्सक नहीं रहती है। पांच हजार रुपये नहीं देने पर जच्चा-बच्चा की जान को खतरे में डाला गया। हंगामा बढ़ने पर सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने डॉ. श्रवण, डॉ. पी. नायर और डॉ. शिल्पा सिरोही की जांच टीम बनाई। जांच में पता चला कि नर्स आरती आराम से सोई हुई थी। उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। वार्ड आया नीलम व सफाईकर्मी पुष्पा की लापरवाही मिली तो उनको महिला अस्पताल से हटाकर जिला अस्पताल में भेजा गया।

दो अन्य प्रसूताओं के परिजनों ने लगाए रुपये लेने के आरोप
महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार सुबह को हंगामा शुरू हुआ तो अन्य प्रसूताओं के परिजन भी आगे आ गए। फैजपुर निनाना के कृष्ण ने बताया कि उनकी पत्नी पूनम ने बुधवार को ऑपरेशन से बच्ची को जन्म दिया। पांच हजार रुपये देने के बाद ही पत्नी का ऑपरेशन किया गया। मीतली की परमिता ने बताया कि उनकी बहू रितिका ने दस दिन पहले बच्ची को जन्म दिया। आशा ने पहले पांच हजार रुपये लेकर अस्पताल में दिए, तब उपचार हुआ। वह अब जांच कराने अस्पताल में आए थे।
 

अस्पताल में एक भी महिला चिकित्सक नहीं, उधार से चल रहा काम
महिला अस्पताल में चिकित्सकों के 18 पद स्वीकृत हैं और वहां एक भी महिला चिकित्सक तैनात नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों के 35 पद स्वीकृत हैं और 18 कर्मी ही तैनात हैं। डॉ. शिल्पा सिरोही को केवल ओपीडी के लिए सीएमओ ने तैनात किया हुआ है। जिला अस्पताल से जरूरत पड़ने पर डॉ. दिव्या को बुला लिया जाता है। बताया गया कि महिला अस्पताल में बुधवार रात को भी डॉ. शिल्पा की मरीजों को देखने की जिम्मेदारी थी, मगर वह वहां मौजूद नहीं थीं।

तीमारदार चिल्लाते रहे कि रुपये लिए, अफसर पुष्टि नहीं कर पाए
महिला अस्पताल के बाहर कई प्रसूताओं के साथ आए परिजन, तीमारदार चिल्लाते रहे कि उनसे पांच-पांच हजार रुपये लिए गए। इसके बाद ही उनका उपचार किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट में दावा कर दिया कि रुपये लेने की पुष्टि नहीं हो सकी। फैजपुर निनाना के कृष्ण व मीतली की परमिता ने कहा कि किसी ने उनके बयान तक नहीं लिए।

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ये बोले सीएमएस
महिला अस्पताल के बरामदे में प्रसव होने के मामले में नर्स व कर्मियों की लापरवाही मिली है। नर्स को हटा दिया गया और अन्य को जिला अस्पताल में भेज दिया है। इस मामले में अभी जांच चल रही है और सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। 
-डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, सीएमएस महिला अस्पताल
 
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