Baghpat: गुरनाम सिंह चढूनी बोले-गन्ना भुगतान के लिए शुरू होगी आरपार की लड़ाई
बागपत में भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार पर एमएसपी के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाया। पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही सरकार, किसानों व युवाओं के लिए कुछ नहीं किया जा रहा।
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बागपत के बालैनी में भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि उप्र के किसानों का यह दुर्भाग्य है कि यहां गन्ने का भाव सबसे कम है और फिर भी भुगतान नहीं किया जाता है। छह हजार करोड़ से ज्यादा उप्र की शुगर मिलों पर किसानों का बकाया है। मिलों के भुगतान नहीं होने से किसान कर्ज लेने को मजबूर है। वह रविवार को मवीकलां गांव में पहुंचे थे।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार व प्रशासन बात तक नहीं सुनता है। किसान असहाय महसूस कर रहा है। इसलिए अब आरपार की लड़ाई लडऩी होगी। उप्र में दो मांगों के लिए अलग से आंदोलन करेंगे। जिनमें एक मांग किसानों को गन्ने का भाव ज्यादा देने की रहेगी। क्योंकि हरियाणा में 372 व पंजाब में 382 रुपये प्रति क्विंतल गन्ने का भाव है और यहां केवल 350 रुपये क्विंतल है।
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गन्ना भाव बढ़वाने के लिए आंदोलन होगा तो गन्ना भुगतान 14 दिन में करने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। इसके लिए पहले सभी मिलों पर जाकर ज्ञापन दिया जाएगा। उसके बाद कुरुक्षेत्र में 23 नवंबर को होने वाली पंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
एमएसपी के नाम पर सरकार ने धोखा किया
भाकियू हरियाणा अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आंदोलन खत्म कराने के दौरान सरकार ने एमएसपी के लिए कमेटी बनाने की बात कही थी। लेकिन उसमें धोखा किया गया है। क्योंकि 34 सदस्य अपने शामिल कर दिए और संयुक्त किसान मोर्चा से केवल तीन के नाम मांगे गए तो वह हमने देने से मना कर दिया। वह कमेटी केवल एमएसपी के लिए थी और वह अन्य मुद्दे भी उठाने लगी।
किसान यूनियनों को लडऩा चाहिए चुनाव
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में किसान यूनियनों को आगे आना चाहिए। क्योंकि चौधरी चरण सिंह भी कहते थे कि एक आंख खलियान तो दूसरी कुर्सी पर होनी चाहिए। तभी किसानों का भला हो सकता है। क्योंकि इस समय हालात काफी खराब है और पदक जीतने वाले, शहीद होने वाले सभी किसानों के बेटे है। इसके बावजूद यहां फायदा पूंजीपतियों को दिया जा रहा है।