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Baghpat: 70 साल पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, गुलशार की शिकायत पर हुई कार्रवाई, जानें क्या है पूरा मामला

Sun, 21 Jun 2026 11:18 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Mohd Mustakim Updated Sun, 21 Jun 2026 11:18 AM IST
सार

राजपुर खामपुर में तालाब की जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। गांव के ही मुस्लिम समुदाय के गुलशार की शिकायत पर नवंबर 2024 में तहसीलदार ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। कोर्ट में मामला गया तो वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। 

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Baghpat: Bulldozer razes 70-year-old mosque; action taken following Gulshar's complaint
निर्माण गिराता बुलडोजर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजपुर खामपुर गांव में 70 साल पहले तालाब की जमीन पर बनाई गई मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। गांव में तीन थानों की पुलिस तैनात रही। ध्वस्तीकरण के दौरान मस्जिद के आसपास इकट्ठा होने का प्रयास कर रहे लोगों को कार्रवाई की चेतावनी देकर वापस भेजा गया। वहीं मुतवल्ली पर 4 लाख 12 हजार 650 रुपये जुर्माना लगाया गया।
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राजपुर खामपुर गांव के रहने वाले गुलशार ने 29 जुलाई 2024 में उच्च न्यायालय प्रयागराज में विशेष याचिका दायर की थी। इसमें गुलशार ने कहा था कि गांव के तालाब की जमीन पर कब्जा कर मुतवल्ली ने टकिया वाली मस्जिद का निर्माण कराया है। इस निर्माण को अवैध बताकर हटाने की मांग की गई। उच्च न्यायालय ने निर्माण को अतिक्रमण मानते हुए राजस्व संहिता के आधार पर सुनवाई करते हुए मामले का निस्तारण 90 दिन में करने के लिए प्रशासन को आदेश दिए थे।
 
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उच्च न्यायालय से आदेश की कॉपी के साथ गुलशार ने एक शिकायत जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी ने बागपत तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए। इसके बाद लेखपाल और कानूनगो ने पैमाइश कर तहसीलदार को अपनी रिपोर्ट भेजी, जिसके आधार पर तहसीलदार के न्यायालय में सुनवाई हुई।
 
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नवंबर 2024 में तहसीलदार ने मस्जिद को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया और मुतवल्ली फरियाद पर 4.12 लाख रुपये जुर्माना लगाया। उस समय फरियाद ने तहसीलदार के आदेश के खिलाफ 22 पेज की अपील जिलाधिकारी न्यायालय में दायर कराई और तहसीलदार के आदेश को निरस्त करने की अपील की। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को दोबारा सुनवाई के आदेश दिए।
 

इसमें दोबारा सुनवाई शुरू हुई और एक सप्ताह पहले तहसीलदार अभिषेक ने तालाब की जमीन मानते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए। साथ ही मुतवल्ली को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में खुद ही अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। उसे नहीं तोड़ा गया तो शनिवार सुबह बागपत, बड़ौत, छपरौली थानों के पुलिस बल के साथ तहसीलदार अभिषेक सिंह समेत अन्य अधिकारी बुलडोजर लेकर राजपुर खामपुर पहुंचे।  उन्होंने बुलडोजर चलाकर मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त किया। तहसीलदार अभिषेक सिंह का कहना है कि तालाब कब्जामुक्त करा दिया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर मुतवल्ली के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 

पुलिस की सख्ती से घरों से बाहर नहीं निकले लोग
राजपुर खामपुर गांव में मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होते ही लोगों का जमावड़ा लगने लगा था। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और लोगों को आसपास इकट्ठा न होने के लिए कहा। पुलिस के सख्ती के चलते लोग वापस चले गए और तीन घंटे चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी होने तक लोग घरों से बाहर नहीं निकल सके।

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