अक्षय हत्याकांड: न्याय की मांग, दीवार पर लगाया मकान बिकाऊ का पोस्टर, मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ निकला परिवार
Baghpat Akshay murder case : बेटे की हत्या के मामले में पीड़ित परिजनों ने अपने मकान पर मकान बिकाऊ का पोस्टर लगा दिया और मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो गए। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
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बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र में बावली गांव के अक्षय हत्याकांड में न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर परिजनों ने अपने मकान पर मकान बिकाऊ का पोस्टर लगा दिया और मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो गए।
दरअसल, बावली गांव निवासी अधिवक्ता धीर सिंह के पुत्र अक्षय उर्फ भूरा की बाइक को गत नौ नवंबर को वाहन से जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसमें अक्षय की मौत हो गई थी। इसमें धीर सिंह ने बावली गांव निवासी गौरव पुत्र सोहनवीर, गौरव पुत्र सहसंर, विपिन पुत्र सुरेश,लाधी पुत्र कृष्ण पाल व गंठा पुत्र जगत सिंह पर हत्या करने के इरादे से टक्कर मारने का आरोप लगाते हुए हत्या में मामला दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। जिसके बाद धीर सिंह ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी।
इसके बाद पुलिस ने जांच कराई तो पता चला कि विपिन ही अक्षय उर्फ भूरा को घर से बुलाकर हाईवे पर लाया था। वहां पर गौरव द्वारा टक्कर मारी गई। मोटर साइकिल पर उसके साथ विपिन बैठा था। घटना से पूर्व विपिन पेशाब करने के बहाने उतरकर एक तरफ खड़ा हो गया था। गौरव द्वारा अपनी गाड़ी से जानबूझकर अक्षय उर्फ भूरा को जान से मारने की नीयत से टक्कर मार दी थी। वह गाड़ी के साथ 100-150 मीटर तक घसीटा गया था।
वहीं, पुलिस ने जांच के बाद इस दुर्घटना में आइपीसी की धारा 302 व 120 बी की धाराएं जोड़ी थी, लेकिन उसके बाद इस फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मृतक के पिता अधिवक्ता धीर सिंह ने अपने मकान पर मकान बिकाऊ है का पोस्टर लगाकर लखनऊ मुख्यमंत्री से मिलने के लिए रवाना हो गए।
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तहरीर पर मामला धारा 304 में दर्ज कर बाद में धारा 302 में तरमीम कर दिया गया था। एक आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है, जल्द ही अन्य आरोपी भी पुलिस गिरफ्त में होगें। - सविरत्न गौतम सीओ बड़ौत