Baghpat: पड़ोसियों को फंसाने के लिए दर्ज कराया खुद की हत्या का मुकदमा, पोल खुली तो पांच साल बाद पहुंचा कोर्ट
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इब्राहिमपुर गांवड़ी निवासी रीता ने अप्रैल 2023 में गांव के ही वेदप्रकाश व अन्य के खिलाफ 2018 में पति योगेंद्र उर्फ बूचा का अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में योगेंद्र के जीवित होने की बात सामने आई। पुलिस का दबाव होने पर योगेंद्र उर्फ बूचा खुद ही न्यायालय में पहुंच गया।
सिंघावली अहीर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के अनुसार पूछताछ में उसने बताया कि गांव में वेदप्रकाश से उसके परिवार की रंजिश चल रही थी, जिसमें एक मुकदमा भी दर्ज था। इसके अलावा वह अपनी प्रेमिका से फोन पर बात करता था, जिसका पत्नी विरोध करती थी।
वर्ष 2018 में प्रेमिका को लेकर उसका पत्नी के साथ झगड़ा हुआ। जिसके बाद वह घर छोड़कर दिल्ली चला गया और वहीं पर रोहिणी की एक युवती से शादी कर ली। वहां वह चालक की नौकरी करने लगा। तभी से वह दिल्ली के रोहिणी में किराये के मकान में रह रहा था।
पुलिस को शक हुआ तो खुला फर्जीवाड़ा
न्यायालय के आदेश पर योगेंद्र उर्फ बूचा की मौत का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी रही। जिसमें पुलिस को शक हुआ तो योगेंद्र की पत्नी पर नजर रखी गई। जिसके बाद दूसरे मुकदमे में कार्रवाई की गई तो योगेंद्र पांच साल बाद खुद ही न्यायालय में पहुंच गया।