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44 गांवों में 384 मिली कमियां, धनराशि का किया दुरुपयोग
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बागपत : 44 गांवों में 384 कमियां मिली, धनराशि दुरुपयोग
बागपत। जिले के 44 गांवों में सोशल ऑडिट का कार्य पूरा हो गया है। जिसमें 384 कमियां मिली हैं, जिनमें धनराशि का दुरुपयोग पाया गया है। बागपत ब्लॉक के अधिकांश गांवों में मनरेगा से कराए गए कार्यों में अनियमितता मिली है।
सोशल ऑडिट की टीम ने बागपत ब्लॉक के 44 गांव में ऑडिट किया था। टीम को अधिकांश गांवों में कराए गए कार्यों में कमियां मिली और लाखों की धनराशि का दुरुपयोग मिला। 44 गांवों में से 14 गांवों में मनरेगा के तहत विकास कार्यों के लिए जारी धनराशि का सदुपयोग मिला है। बाकी गांवों में हजारों और लाखों रुपये की धनराशि का दुरुपयोग मिला है। पांच गांव अहमद शाहपुर पदड़ा, अहेड़ा, गठीना, बाघू, बली गांव में बैठक ही स्थगित हो गई है। सभी सोशल ऑडिट की टीम ने अपनी रिपोर्ट ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है, जिसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें इसका खुलासा हुआ है। जिन गांवों में धनराशि का दुरुपयोग किया गया, वहां से धनराशि की रिकवरी होगी। जिला विकास अधिकारी हुब लाल ने कहा कि जिस भी गांव में सोशल ऑडिट के दौरान धनराशि का दुरुपयोग मिला है, वहां से रिकवरी कराई जाएगी। ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव या कार्यदायी संस्था से रिकवरी होनी है, इस बारे में नियमावली देखने के बाद ही कुछ कहा जाएगा। वैसे रिकवरी होनी जरूरी है।
पौधे लगाने और जॉब कार्ड में गड़बड़ी
डीडीओ हुब लाल ने बताया कि सोशल ऑडिट की टीमों को अधिकांश ग्राम पंचायतों में पौधे लगाने में गड़बड़ी मिली है। पौधे लगाने में हजारों रुपये की धनराशि का गबन किए जाने की संभावना है। सोशल ऑडिट टीम की रिपोर्ट के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं मनरेगा मजदूरों के बनाए जाने वाले जॉब कार्ड में भी गड़बड़ी की जाती है। परिवार के लोगों के ही जॉब कार्ड प्रधान बनवाते हैं और अपने पास उन्हें रखते हैं। यह सब सोशल ऑडिट के दौरान की गई जांच में खुलासा हुआ है।
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बागपत। जिले के 44 गांवों में सोशल ऑडिट का कार्य पूरा हो गया है। जिसमें 384 कमियां मिली हैं, जिनमें धनराशि का दुरुपयोग पाया गया है। बागपत ब्लॉक के अधिकांश गांवों में मनरेगा से कराए गए कार्यों में अनियमितता मिली है।
सोशल ऑडिट की टीम ने बागपत ब्लॉक के 44 गांव में ऑडिट किया था। टीम को अधिकांश गांवों में कराए गए कार्यों में कमियां मिली और लाखों की धनराशि का दुरुपयोग मिला। 44 गांवों में से 14 गांवों में मनरेगा के तहत विकास कार्यों के लिए जारी धनराशि का सदुपयोग मिला है। बाकी गांवों में हजारों और लाखों रुपये की धनराशि का दुरुपयोग मिला है। पांच गांव अहमद शाहपुर पदड़ा, अहेड़ा, गठीना, बाघू, बली गांव में बैठक ही स्थगित हो गई है। सभी सोशल ऑडिट की टीम ने अपनी रिपोर्ट ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है, जिसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें इसका खुलासा हुआ है। जिन गांवों में धनराशि का दुरुपयोग किया गया, वहां से धनराशि की रिकवरी होगी। जिला विकास अधिकारी हुब लाल ने कहा कि जिस भी गांव में सोशल ऑडिट के दौरान धनराशि का दुरुपयोग मिला है, वहां से रिकवरी कराई जाएगी। ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव या कार्यदायी संस्था से रिकवरी होनी है, इस बारे में नियमावली देखने के बाद ही कुछ कहा जाएगा। वैसे रिकवरी होनी जरूरी है।
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पौधे लगाने और जॉब कार्ड में गड़बड़ी
डीडीओ हुब लाल ने बताया कि सोशल ऑडिट की टीमों को अधिकांश ग्राम पंचायतों में पौधे लगाने में गड़बड़ी मिली है। पौधे लगाने में हजारों रुपये की धनराशि का गबन किए जाने की संभावना है। सोशल ऑडिट टीम की रिपोर्ट के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं मनरेगा मजदूरों के बनाए जाने वाले जॉब कार्ड में भी गड़बड़ी की जाती है। परिवार के लोगों के ही जॉब कार्ड प्रधान बनवाते हैं और अपने पास उन्हें रखते हैं। यह सब सोशल ऑडिट के दौरान की गई जांच में खुलासा हुआ है।
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