{"_id":"61f2cfa34f42f35179359178","slug":"agriculture-department-issued-advisory-baraut-news-mrt5747370139","type":"story","status":"publish","title_hn":"...सरसों की फसल को बचाव को करें दवाओं का छिड़काव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...सरसों की फसल को बचाव को करें दवाओं का छिड़काव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम में आए बदलाव से बढ़ रही बीमारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कृषि विभाग ने मौसम में आए बदलाव को देखते हुए परामर्शिका (एडवाइजरी) जारी की है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार पर तैनात एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान व एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि जनवरी में कई दिन तक हुई बरसात व ठंड से नमी के कारण सरसों में व्हाइट रस्ट का खतरा बना हुआ है। वहीं, तना सड़न, तुलासिया तथा माहू कीट के प्रकोप की आशंका बढ़ जाती है।
तना सड़न बीमारी के लक्षण
तना सड़न बीमारी के लक्षण पौधों के उस भाग में दिखाई देते हैं जो भूमि के संपर्क में रहता है। वहां सबसे पहले प्रकोप होता है। तना काला होकर सड़ जाता है। तने के आगे का भाग नष्ट हो जाता है। प्रकोपित खेतों से दुर्गंध आती है।
ये हैं बचाव के उपाए
तना सड़न व व्हाइट रस्ट समेत अन्य बीमारियों के नियंत्रण के लिए मैंकोजेब 75 फीसदी डब्ल्यूपी की 2 किग्रा अथवा जिनेब 75 फीसदी डब्ल्यूपी की 2 किग्रा अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 3 किग्रा मात्रा को प्रति हेक्टेयर 600-750 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। इसके अतिरिक्त माहू कीट से बचाव के लिए डाइमेथोएट 30 फीसदी ईसी अथवा क्लोरोपाइरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी की एक लीटर मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से 600-750 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। एजाडिरेक्टिन नीम का तेल 0.15 प्रतिशत ईसी 205 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से भी प्रयोग कर सकते हैं।
विज्ञापन
इन नंबरों पर कर सकते हैं कॉल
जिला कृषि अधिकारी प्रंशात कुमार ने बताया कि कृषकों की मदद के लिए एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार के फोन नंबर 9897871975 व एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान 9557830921 पर किसान फोन कर सकता है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कृषि विभाग ने मौसम में आए बदलाव को देखते हुए परामर्शिका (एडवाइजरी) जारी की है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार पर तैनात एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान व एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि जनवरी में कई दिन तक हुई बरसात व ठंड से नमी के कारण सरसों में व्हाइट रस्ट का खतरा बना हुआ है। वहीं, तना सड़न, तुलासिया तथा माहू कीट के प्रकोप की आशंका बढ़ जाती है।
तना सड़न बीमारी के लक्षण
तना सड़न बीमारी के लक्षण पौधों के उस भाग में दिखाई देते हैं जो भूमि के संपर्क में रहता है। वहां सबसे पहले प्रकोप होता है। तना काला होकर सड़ जाता है। तने के आगे का भाग नष्ट हो जाता है। प्रकोपित खेतों से दुर्गंध आती है।
विज्ञापन
ये हैं बचाव के उपाए
तना सड़न व व्हाइट रस्ट समेत अन्य बीमारियों के नियंत्रण के लिए मैंकोजेब 75 फीसदी डब्ल्यूपी की 2 किग्रा अथवा जिनेब 75 फीसदी डब्ल्यूपी की 2 किग्रा अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी की 3 किग्रा मात्रा को प्रति हेक्टेयर 600-750 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। इसके अतिरिक्त माहू कीट से बचाव के लिए डाइमेथोएट 30 फीसदी ईसी अथवा क्लोरोपाइरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी की एक लीटर मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से 600-750 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। एजाडिरेक्टिन नीम का तेल 0.15 प्रतिशत ईसी 205 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से भी प्रयोग कर सकते हैं।
विज्ञापन
इन नंबरों पर कर सकते हैं कॉल
जिला कृषि अधिकारी प्रंशात कुमार ने बताया कि कृषकों की मदद के लिए एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार के फोन नंबर 9897871975 व एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान 9557830921 पर किसान फोन कर सकता है।