फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   aadhar news

Baghpat News: यूपी से बने 131 जन्म प्रमाणपत्रों से देशभर में बनवाए गए फर्जी आधार कार्ड

Thu, 08 Oct 2026 01:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:46 AM IST
विज्ञापन
aadhar news
बागपत। यूपी से बने 131 जन्म प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल देशभर में फर्जी आधार कार्ड बनवाए गए हैं। इसमें सीबीआई ने यूपी के चीफ रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु से सभी जन्म प्रमाणपत्रों की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद बागपत, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, कन्नौज, इटावा, ललितपुर 21 जिलों में जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

वर्ष 2000-24 के बीच जारी इन जन्म प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करके सबसे ज्यादा फर्जी आधार कार्ड पश्चिम बंगाल और असम में बनाए गए हैं। अन्य जगहों पर भी इनसे आधार कार्ड बने हैं, इसलिए यह शक जताया जा रहा है कि यह जन्म प्रमाणपत्र भी फर्जी हैं।
विज्ञापन

उन सभी प्रमाणपत्रों का नंबर व जिले की सूची भेजी गई है। उनकी जिलों से जांच करके यह बताना है कि यह प्रमाणपत्र यहां से जारी हुआ है या नहीं और जारी हुआ है तो उसकी सही जन्मतिथि व पता क्या हैं। यह रिपोर्ट 15 अक्तूबर तक भेजने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन जिलों से जारी इतने जन्म प्रमाणपत्रों की जांच होगी
बागपत से पांच, सहारनपुर से एक, मेरठ से एक, बिजनौर से दो, गाजियाबाद से एक, कन्नौज से 73, ललितपुर से 10, इटावा से 17, कानपुर नगर से तीन, औरैया से एक, जालौन से दो, कुशीनगर से एक, बदायूं एक, सोनभद्र दो, फतेहपुर तीन, हमीरपुर तीन, संत कबीरनगर से एक, मिर्जापुर से एक, कानपुर देहात से एक, रामपुर से एक, फर्रुखाबाद से एक जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ है।
एप से बना दिए जाते हैं फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
जन्म प्रमाणपत्र से ही आधार कार्ड बनवाया जा सकता है, इसलिए जन्म प्रमाणपत्र फर्जी बनवाने का खेल चल रहा है। इस तरह की काफी एप हैं, जिनसे जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। ऐसे फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच उसी जगह से हो सकती है, जहां से उनको जारी होना दिखाया गया है।
इन जगहों से जारी होते हैं जन्म प्रमाणपत्र
जिन बच्चों का जन्म अस्पताल में होता है, उनका जन्म प्रमाणपत्र स्वास्थ्य विभाग से जारी किया जाता है। जिनका शहरी क्षेत्र में घर में जन्म होता है, उनका प्रमाणपत्र नगर निकाय से जारी होता है। जिनका गांव में घर में जन्म होता है, उनका प्रमाण पत्र पंचायतीराज विभाग से जारी किया जाता है। संवाद

--
प्रमाण पत्रों की जांच स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय व पंचायतीराज विभाग से होती है। जिन जन्म प्रमाणपत्रों की जांच कराई जा रही है। उनकी जांच पूरी कराकर रिपोर्ट जल्द भिजवाई जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed