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Baghpat News: पशुओं की मौत के बाद पहुंची चिकित्सकों की टीम, उपचार कर दवाई दी
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घटौली में बीमार हुए पशु की जांच करते पशु चिकित्सक। स्रोत:पशु पालक
- घटौली गांव में बीमारी के कारण 25 पशुओं की हो चुकी है मौत, चिकित्सकों ने सफाई रखने की सलाह दी
संवाद न्यूज एजेंसी
बालैनी। घटौली में 25 पशुओं की मौत होने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम सोमवार को गांव में पहुंची। उन्होंने पशुओं की जांच करने के बाद दवाई दी और पशुपालकों को सफाई रखने की सलाह दी।
घटौली गांव में पशुओं में फैली बीमारी से 20 दिन में 25 पशुओं की मौत हो गई थी और 50 से अधिक पशु बीमार चल रहे हैं। लोगों ने डीएम से शिकायत कर पशु चिकित्सकों की टीम गांव में भेजकर उपचार कराने की मांग की थी। सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद त्रिपाठी, डॉ. शुभम, डॉ. ऋषिराज ने गांव में पहुंचकर पशुओं की जांच करने के बाद दवाई दी।
बताया कि पशुओं के मुंह से लार टपक रही थी और पैरों में जख्म मिले। मुंह में जख्म होने के कारण पशुओं पर चारा नहीं खाया जा रहा था, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता कम होने के कारण मौत हो रही थी। पशुओं के जख्म सही करने के लिए दवाई दी गई है। दिनेश, इंद्र, सुंदर, जोगेंद्र, रोहताश, मंगते, कंवरपाल, चंद्रपाल, सोमपाल ने बताया कि पशुओं का टीम ने पहुंचकर उपचार किया। अब पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बालैनी। घटौली में 25 पशुओं की मौत होने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम सोमवार को गांव में पहुंची। उन्होंने पशुओं की जांच करने के बाद दवाई दी और पशुपालकों को सफाई रखने की सलाह दी।
घटौली गांव में पशुओं में फैली बीमारी से 20 दिन में 25 पशुओं की मौत हो गई थी और 50 से अधिक पशु बीमार चल रहे हैं। लोगों ने डीएम से शिकायत कर पशु चिकित्सकों की टीम गांव में भेजकर उपचार कराने की मांग की थी। सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद त्रिपाठी, डॉ. शुभम, डॉ. ऋषिराज ने गांव में पहुंचकर पशुओं की जांच करने के बाद दवाई दी।
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बताया कि पशुओं के मुंह से लार टपक रही थी और पैरों में जख्म मिले। मुंह में जख्म होने के कारण पशुओं पर चारा नहीं खाया जा रहा था, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता कम होने के कारण मौत हो रही थी। पशुओं के जख्म सही करने के लिए दवाई दी गई है। दिनेश, इंद्र, सुंदर, जोगेंद्र, रोहताश, मंगते, कंवरपाल, चंद्रपाल, सोमपाल ने बताया कि पशुओं का टीम ने पहुंचकर उपचार किया। अब पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार है।
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