{"_id":"51-78467","slug":"Baghpat-78467-51","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीवाली बाद फिर गर्माएगा स्मारक का मुद्दा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीवाली बाद फिर गर्माएगा स्मारक का मुद्दा
Baghpat
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
बागपत। केंद्र सरकार ने दिल्ली स्थित 12 तुगलक रोड बंगले को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का स्मारक न बनाने का फैसला लेकर रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह को जोर का झटका तो दिया है लेकिन रालोद की तैयारी इस मुद्दे को और गर्माने की है। दीवाली बाद चौधरी चरण सिंह स्मारक संघर्ष समिति की फिर से मीटिंग होगी। इसमें रणनीति तैयार की जाएगी। रालोद की योजना जगह-जगह धरना प्रदर्शन करने की है।
मेरठ की रैली में किसानों के जुटने से रालोद को नई ऊर्जा मिली। तभी तय हो गया था कि इस मुद्दे को और हवा दी जाएगी। पिछले लोकसभा चुनाव में चारों खाने चित्त हुए रालोद को वापसी के लिए इसी मुद्दे में उम्मीद नजर आ रही है। अब केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि बंगले को स्मारक नहीं बनाया जाएगा। इसके बाद रालोद नेता रणनीति बनाने में जुट गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने फोन पर बताया कि दीवाली बाद संघर्ष समिति की फिर से मीटिंग होगी। इसमें रणनीति तैयार की जाएगी। किसान चाहते हैं कि स्मारक बनना चाहिए। इसके लिए बड़े आंदोलन की तैयारी हो रही है।
रमाला। चौधरी अजित सिंह के पूर्व आवास 12 तुगलक रोड को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का स्मारक न बनाए जाने के फैसले पर रालोदियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने किशनपुर बराल स्टैंड पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद केंद्र सरकार का पुतला फूंककर अपनी नाराजगी जाहिर की। रालोद ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों की भावनाओं को समझने के बजाय हठ दिखा रही है। यह मुद्दा राजनैतिक नहीं, भावनात्मक है। चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा रहे। उनका स्मारक बनवाकर ही दम लेंगे। इस मौके पर नवीन तोमर के नेतृत्व में नारेबाजी कर रहे रालोदियों ने स्मारक बनवाने का संकल्प लिया। इस दौरान गुलवीर सिंह, पुष्पेंद्र, अजय तोमर, देवेंद्र, अभिमन्यु, मुकेश चौधरी, राजू मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ की रैली में किसानों के जुटने से रालोद को नई ऊर्जा मिली। तभी तय हो गया था कि इस मुद्दे को और हवा दी जाएगी। पिछले लोकसभा चुनाव में चारों खाने चित्त हुए रालोद को वापसी के लिए इसी मुद्दे में उम्मीद नजर आ रही है। अब केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि बंगले को स्मारक नहीं बनाया जाएगा। इसके बाद रालोद नेता रणनीति बनाने में जुट गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने फोन पर बताया कि दीवाली बाद संघर्ष समिति की फिर से मीटिंग होगी। इसमें रणनीति तैयार की जाएगी। किसान चाहते हैं कि स्मारक बनना चाहिए। इसके लिए बड़े आंदोलन की तैयारी हो रही है।
विज्ञापन
रमाला। चौधरी अजित सिंह के पूर्व आवास 12 तुगलक रोड को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का स्मारक न बनाए जाने के फैसले पर रालोदियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने किशनपुर बराल स्टैंड पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद केंद्र सरकार का पुतला फूंककर अपनी नाराजगी जाहिर की। रालोद ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों की भावनाओं को समझने के बजाय हठ दिखा रही है। यह मुद्दा राजनैतिक नहीं, भावनात्मक है। चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा रहे। उनका स्मारक बनवाकर ही दम लेंगे। इस मौके पर नवीन तोमर के नेतृत्व में नारेबाजी कर रहे रालोदियों ने स्मारक बनवाने का संकल्प लिया। इस दौरान गुलवीर सिंह, पुष्पेंद्र, अजय तोमर, देवेंद्र, अभिमन्यु, मुकेश चौधरी, राजू मौजूद रहे।
विज्ञापन