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रमाला मिल हो गई नो केन
Baghpat
Updated Wed, 28 May 2014 05:34 AM IST
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बागपत। रमाला मिल अब नो के की स्थिति में आ गई है। दो दिन गन्ना न मिल पाने के चलते मिल बंद रही। अब गन्ना एकत्रित कर बुधवार तक चलाने का प्रयास है। जबकि बागपत शुगर मिल में अभी भी गन्ने की भरमार है।
दो दिन से रमाला शुगर मिल नो केन रही, जिसके चलते मिल को बंद रखा गया। जिससे किसानों में खलबली मच गई। किसान जल्दी-जल्दी अपना गन्ना लेकर मिल तक पहुंचे, दो दिन तक किसानों के शेष गन्ने को एकत्रित किया गया। लेकिन सिर्फ दो दिन के लिए ही मिल चलाने के लिए गन्ना मिल सका। जिससे मिल के गुरुवार को पेराई सत्र समाप्त करने की संभावना है। मिल ने पेराई सत्र समाप्त करने का नोटिस पहले ही जारी कर रखा है। लेकिन किसानों के हंगामे के डर से मिल को बार-बार बंद करके चलाना पड़ रहा है।
रमाला मिल के जीएम प्रताप नारायण का कहना है कि नो केन की स्थिति तो आ गई, लेकिन गन्ने को एकत्रित कर मिल को चलाया गया है। मिल पहले ही क्षमता से अधिक पेराई कर चुकी है, अब सिर्फ बुधवार तक का ही गन्ना है, गुरुवार को मिल का पेराई सत्र संभवत: समाप्त हो जाएगा।
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जबकि बागपत शुगर मिल में अभी भी गन्ने की भरमार है। हालांकि मिल के क्रय केंद्र तो बंद करा दिए गए हैं, लेकिन लोग गेट पर ही ट्रैक्टर ट्रालियों में गन्ना भरकर पहुंच रहे हैं। रोजाना मेरठ रोड पर जाम की स्थिति बन रही है। यहां की स्थिति को देखकर तो अभी मिल काफी दिन चलानी पड़ेगी।
मिल के जीएम प्रदीप त्रिपाठी कहते हैं कि मिल ने क्षमता से अधिक पेराई कर ली है। फिर भी जितना गन्ना किसानों का आ रहा है, लिया जा रहा है। अब धीरे-धीरे गेट पर आ रहे गन्ने में कमी आई है। जल्दी ही गन्ने की आवक समाप्त होने की उम्मीद है।
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दो दिन से रमाला शुगर मिल नो केन रही, जिसके चलते मिल को बंद रखा गया। जिससे किसानों में खलबली मच गई। किसान जल्दी-जल्दी अपना गन्ना लेकर मिल तक पहुंचे, दो दिन तक किसानों के शेष गन्ने को एकत्रित किया गया। लेकिन सिर्फ दो दिन के लिए ही मिल चलाने के लिए गन्ना मिल सका। जिससे मिल के गुरुवार को पेराई सत्र समाप्त करने की संभावना है। मिल ने पेराई सत्र समाप्त करने का नोटिस पहले ही जारी कर रखा है। लेकिन किसानों के हंगामे के डर से मिल को बार-बार बंद करके चलाना पड़ रहा है।
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रमाला मिल के जीएम प्रताप नारायण का कहना है कि नो केन की स्थिति तो आ गई, लेकिन गन्ने को एकत्रित कर मिल को चलाया गया है। मिल पहले ही क्षमता से अधिक पेराई कर चुकी है, अब सिर्फ बुधवार तक का ही गन्ना है, गुरुवार को मिल का पेराई सत्र संभवत: समाप्त हो जाएगा।
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जबकि बागपत शुगर मिल में अभी भी गन्ने की भरमार है। हालांकि मिल के क्रय केंद्र तो बंद करा दिए गए हैं, लेकिन लोग गेट पर ही ट्रैक्टर ट्रालियों में गन्ना भरकर पहुंच रहे हैं। रोजाना मेरठ रोड पर जाम की स्थिति बन रही है। यहां की स्थिति को देखकर तो अभी मिल काफी दिन चलानी पड़ेगी।
मिल के जीएम प्रदीप त्रिपाठी कहते हैं कि मिल ने क्षमता से अधिक पेराई कर ली है। फिर भी जितना गन्ना किसानों का आ रहा है, लिया जा रहा है। अब धीरे-धीरे गेट पर आ रहे गन्ने में कमी आई है। जल्दी ही गन्ने की आवक समाप्त होने की उम्मीद है।