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चुनावी मुकदमों की चार्ज शीट में देरी
Baghpat
Updated Mon, 14 Apr 2014 05:30 AM IST
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बागपत। लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किए गए आचार संहिता उल्लंघन के मामलों की जांच में पुलिस देरी पर देरी किए जा रही है। पहले कहा गया था कि वोटिंग से पहले ही तफ्तीश पूरी कर ली जाएगी। फिर बताया गया कि मतदान के अगले दिन ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो जाएगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। जो मामला आचार संहिता लगने से पहले लिखा गया, अभी तक उसमें भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
यह केस जाट भवन के सामने के मैदान का है। पीस पार्टी की रैली में हिस्ट्रीशीटर ऊधम की पत्नी गीता ने मंच पर पार्टी नेताओं को थप्पड़ मारे थे। इसके बाद गीता पर पथराव हुआ। उसने एक मकान में घुसकर जान बचाई। पुलिस ने मुकदमा लिखा, लेकिन अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की। जो लोग अज्ञात बताए गए, अभी उनकी शनाख्त भी नहीं हो पाई है।
बसपा की मीटिंग में भड़काऊ भाषण देने पर हाजी याकूब कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसमें भी कार्रवाई नहीं हुई।
निवाड़ा में सपा की मीटिंग में ठुमकों पर नोट लगाने की रिपोर्ट लिखी गई, लेकिन यह मामला भी ठंडे बस्ते में गया। छपरौली में बसपाइयोें के खिलाफ बगैर अनुमति के मीटिंग करने का मामला बना, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका। ये सभी मुकदमे पुलिस ने खुद लिखे, इसलिए जांच पड़ताल में बयान भी पुलिस वालों के ही होने हैं। इसके बावजूद इतनी देरी होना कार्रवाई होने पर सवाल खड़े कर रहा है।
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यह केस जाट भवन के सामने के मैदान का है। पीस पार्टी की रैली में हिस्ट्रीशीटर ऊधम की पत्नी गीता ने मंच पर पार्टी नेताओं को थप्पड़ मारे थे। इसके बाद गीता पर पथराव हुआ। उसने एक मकान में घुसकर जान बचाई। पुलिस ने मुकदमा लिखा, लेकिन अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की। जो लोग अज्ञात बताए गए, अभी उनकी शनाख्त भी नहीं हो पाई है।
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बसपा की मीटिंग में भड़काऊ भाषण देने पर हाजी याकूब कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसमें भी कार्रवाई नहीं हुई।
निवाड़ा में सपा की मीटिंग में ठुमकों पर नोट लगाने की रिपोर्ट लिखी गई, लेकिन यह मामला भी ठंडे बस्ते में गया। छपरौली में बसपाइयोें के खिलाफ बगैर अनुमति के मीटिंग करने का मामला बना, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका। ये सभी मुकदमे पुलिस ने खुद लिखे, इसलिए जांच पड़ताल में बयान भी पुलिस वालों के ही होने हैं। इसके बावजूद इतनी देरी होना कार्रवाई होने पर सवाल खड़े कर रहा है।
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