{"_id":"51-46094","slug":"Baghpat-46094-51","type":"story","status":"publish","title_hn":"26 को मिलेगा बिछड़ा पुत्र परिजनों से ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
26 को मिलेगा बिछड़ा पुत्र परिजनों से
Baghpat
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खेकड़ा। ग्राम फखरपुर निवासी आबिद का लापता 11 वर्षीय पुत्र जानू ‘साथी संस्था दिल्ली’ के सहयोग से मिल गया है, जिसे दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित 26 नवम्बर को दिल्ली में ही आयोजित कार्यक्रम में परिजनों के सुपुर्द करेंगी।
बता दें कि गांव फखरपुर निवासी आबिद अली का पुत्र मौ. जानू चार साल पूर्व लापता हो गया था। परिजनों ने उसे सभी संभावित स्थानाें पर तलाशा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दिल्ली में जानू को रोता बिलखता देख संस्था सदस्यों ने उसे अपने संरक्षण में ले लिया तभी से वह वहीं पल रहा था। हालांकि इस बीच संस्था सदस्यों ने उसके परिजनों का पता निकालने की काफी कोशिश की। संस्था के काउंसलर नीरज अवस्थी और रामगोपाल ने बताया कि वे बच्चे से उसके बारे में काफी समय से जानने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसे ठीक से कुछ भी याद नहीं था। वह सिर्फ चांद मस्जिद के बारे में ही बोलता। कई राज्यों और जिलों में चांद मस्जिद के बारे में खोजबीन की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही थी, लेकिन कुछ दिन पूर्व संस्था के सदस्य चांद मस्जिद को खोजते हुए गांव फखरपुर आ पहुंचे, जहां पास में ही चांद मस्जिद है। इसके बाद संस्था सदस्यों ने खोजबीन शुरू की और कामयाबी मिल गई। अब चार साल बाद ही सही बच्चा परिजनों को मिल जाएगा। संस्था ने अन्य जानकारी और जरूरी छानबीन भी कर ली है। दिल्ली में 26 नवंबर को कार्यक्रम में जानू को दिल्ली की सीएम द्वारा ही उसके पिता का नाम आबिद को सौंप दिया जाएगा। इससे परिवार में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
बता दें कि गांव फखरपुर निवासी आबिद अली का पुत्र मौ. जानू चार साल पूर्व लापता हो गया था। परिजनों ने उसे सभी संभावित स्थानाें पर तलाशा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दिल्ली में जानू को रोता बिलखता देख संस्था सदस्यों ने उसे अपने संरक्षण में ले लिया तभी से वह वहीं पल रहा था। हालांकि इस बीच संस्था सदस्यों ने उसके परिजनों का पता निकालने की काफी कोशिश की। संस्था के काउंसलर नीरज अवस्थी और रामगोपाल ने बताया कि वे बच्चे से उसके बारे में काफी समय से जानने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसे ठीक से कुछ भी याद नहीं था। वह सिर्फ चांद मस्जिद के बारे में ही बोलता। कई राज्यों और जिलों में चांद मस्जिद के बारे में खोजबीन की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही थी, लेकिन कुछ दिन पूर्व संस्था के सदस्य चांद मस्जिद को खोजते हुए गांव फखरपुर आ पहुंचे, जहां पास में ही चांद मस्जिद है। इसके बाद संस्था सदस्यों ने खोजबीन शुरू की और कामयाबी मिल गई। अब चार साल बाद ही सही बच्चा परिजनों को मिल जाएगा। संस्था ने अन्य जानकारी और जरूरी छानबीन भी कर ली है। दिल्ली में 26 नवंबर को कार्यक्रम में जानू को दिल्ली की सीएम द्वारा ही उसके पिता का नाम आबिद को सौंप दिया जाएगा। इससे परिवार में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन