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श्रद्धा से बुलाइए, लक्ष्मी जी आएंगी
Baghpat
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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बागपत। दीपावली पर लक्ष्मी जी का आगमन समय 5 बजकर 36 मिनट से शुरू हो जाएगा। घर और प्रतिष्ठानों पर लक्ष्मी जी का पूजन उनके स्थान पर फूलों के हार से करें और बहीखातों, अस्त्र, शस्त्र का पूजन करें।
दीपावली पर विशेष तौर पर लक्ष्मी-गणेश, सरस्वती की पूजा की जाती है। भगवान विष्णु, हनुमानजी की भी पूजा की जाएगा। घरों में पूजा स्थान पर इनकी मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। बड़ा ठाकुरद्वारा मंदिर के पंडित कृष्णानंद शास्त्री ने बताया कि लक्ष्मी पूजन का समय शाम 5 बजकर 36 मिनट से शुरू हो जाएगा और शाम 7 बजकर 33 मिनट तक श्रेष्ठ समय रहेगा। प्रतिष्ठानों एवं गृहस्थों द्वारा इस समय ही देवी लक्ष्मी का स्वागत एवं पूजा कार्य किया जाएगा। अर्द्धरात्रि में सिंह लग्न में रात्रि 12 बजकर 5 मिनट से रात्रि 2 बजकर 19 मिनट तक सिद्धि पूजन का मुहूर्त रहेगा। पितरों का पूजन दिन में एक बजकर एक मिनट से 2 बजकर 32 मिनट तक कुंभ लग्न में होगा।
कृष्णानंद शास्त्री ने बताया कि जिस घर में त्योहार से पहले ही आन पड़ गई हो तो उसके यहां त्योहार पर इस बार पहले पितरों का पूजन करके दीपावली का पूजन करें, लेकिन दीपावली के दिन ही आन पड़ गई हो तो उसके यहां दीपावली तब तक नहीं मनाई जाएगी जब तक कि उसके अथवा उसके परिवार में कोई पुत्र की प्राप्ति न हो जाए या फिर उसके यहां गोमाता बछड़े को जन्म न दे दे।
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दीपावली पर विशेष तौर पर लक्ष्मी-गणेश, सरस्वती की पूजा की जाती है। भगवान विष्णु, हनुमानजी की भी पूजा की जाएगा। घरों में पूजा स्थान पर इनकी मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। बड़ा ठाकुरद्वारा मंदिर के पंडित कृष्णानंद शास्त्री ने बताया कि लक्ष्मी पूजन का समय शाम 5 बजकर 36 मिनट से शुरू हो जाएगा और शाम 7 बजकर 33 मिनट तक श्रेष्ठ समय रहेगा। प्रतिष्ठानों एवं गृहस्थों द्वारा इस समय ही देवी लक्ष्मी का स्वागत एवं पूजा कार्य किया जाएगा। अर्द्धरात्रि में सिंह लग्न में रात्रि 12 बजकर 5 मिनट से रात्रि 2 बजकर 19 मिनट तक सिद्धि पूजन का मुहूर्त रहेगा। पितरों का पूजन दिन में एक बजकर एक मिनट से 2 बजकर 32 मिनट तक कुंभ लग्न में होगा।
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कृष्णानंद शास्त्री ने बताया कि जिस घर में त्योहार से पहले ही आन पड़ गई हो तो उसके यहां त्योहार पर इस बार पहले पितरों का पूजन करके दीपावली का पूजन करें, लेकिन दीपावली के दिन ही आन पड़ गई हो तो उसके यहां दीपावली तब तक नहीं मनाई जाएगी जब तक कि उसके अथवा उसके परिवार में कोई पुत्र की प्राप्ति न हो जाए या फिर उसके यहां गोमाता बछड़े को जन्म न दे दे।
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