{"_id":"5bcf76ffbdec2204de7402d8","slug":"91540323071-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केमिकल युक्त पानी से छुटकारे के लिए ग्रामीणों का कलक्ट्रेट में धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केमिकल युक्त पानी से छुटकारे के लिए ग्रामीणों का कलक्ट्रेट में धरना
Updated Wed, 24 Oct 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
बागपत। केमिकल युक्त पानी से निजात दिलाने के लिए गाजियाबाद और बागपत जिले के कई गांव के लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। उनका आरोप लगाया कि अफसरों ने ज्ञापन नहीं लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया।
किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में बागपत जिले के नौरसपुर, सुभानपुर, गाजियाबाद जिले के अलीपुर, मंडौला, नवादा, हरमपुर गांव के ग्रामीण मंगलवार को कलक्ट्रेट में पहुंचे। लोगों का कहना है कि बसी गांव में एक बरसाती नाला बसी ड्रेन के नाम से प्राकृतिक रूप से बहता। यह नाला गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। गंभीर बीमारियों ने लोगों को जकड़ा हुआ है। बीमारी से हजारों जाने जा चुकी है। इसका कारण नाले में फैक्ट्रियों से निकालने वाला केमिकल युक्त पानी है। गाजियाबाद गांव के ग्रामीणों ने जब पानी को रोकना चाहा, तब गाजियाबाद प्रशासन ने यह कह रोक दिया कि बागपत प्रशासन से वार्ता कर इसका समाधान कराएंगे। वर्ष 2007-08 में अफसरों ने रास्ता निकाला, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद करीब 30-35 हजार लोग बीमारी से अपनी जान गवा बैठे हैं। अब उक्त गांव के लोग बीमारी अपनी जान नहीं गवाना चाहते है। समस्या से जल्द निजात दिलाई जाए। कलक्ट्रेट गेट के बाहर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया। चेतावनी दी जब तक अधिकारी उनके बीच आकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन नहीं देते हैं, तब तक उनका धरना अब चलता रहेगा। इस दौरान महेंद्र सिंह त्यागी, नीरज त्यागी, अमित त्यागी, विनोद, टेकचंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में बागपत जिले के नौरसपुर, सुभानपुर, गाजियाबाद जिले के अलीपुर, मंडौला, नवादा, हरमपुर गांव के ग्रामीण मंगलवार को कलक्ट्रेट में पहुंचे। लोगों का कहना है कि बसी गांव में एक बरसाती नाला बसी ड्रेन के नाम से प्राकृतिक रूप से बहता। यह नाला गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। गंभीर बीमारियों ने लोगों को जकड़ा हुआ है। बीमारी से हजारों जाने जा चुकी है। इसका कारण नाले में फैक्ट्रियों से निकालने वाला केमिकल युक्त पानी है। गाजियाबाद गांव के ग्रामीणों ने जब पानी को रोकना चाहा, तब गाजियाबाद प्रशासन ने यह कह रोक दिया कि बागपत प्रशासन से वार्ता कर इसका समाधान कराएंगे। वर्ष 2007-08 में अफसरों ने रास्ता निकाला, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद करीब 30-35 हजार लोग बीमारी से अपनी जान गवा बैठे हैं। अब उक्त गांव के लोग बीमारी अपनी जान नहीं गवाना चाहते है। समस्या से जल्द निजात दिलाई जाए। कलक्ट्रेट गेट के बाहर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया। चेतावनी दी जब तक अधिकारी उनके बीच आकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन नहीं देते हैं, तब तक उनका धरना अब चलता रहेगा। इस दौरान महेंद्र सिंह त्यागी, नीरज त्यागी, अमित त्यागी, विनोद, टेकचंद मौजूद रहे।
विज्ञापन