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गैर इरादतन हत्या के प्रयास में तीन को सात साल की सजा
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:42 AM IST
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बागपत।
सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के नंगला रवा में छह साल पहले युवक से मारपीट एवं गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में तीन अभियुक्तों को सात साल के सश्रम कारावास से दंडित किया । द्वितीय एडीजे एससी/एसटी एक्ट रमेश चंद दिवाकर की कोर्ट ने सजा सुनाई।
एडीजीसी चश्मवीर सिंह ने बताया कि नंगला रवा गांव में 29 अक्तूबर 2012 में अमरीश पुत्र जनक सिंह को गांव के ही महेंद्र पुत्र शेर सिंह, ओमप्रकाश पुत्र घसीटू, कानू पुत्र नौनिद शराब पिलाने के बहाने बाबू की ट्यूबवेल पर ले गए थे। पहले उसे शराब पिलाई। इसके बाद उसकी पिटाई की। इसमें वह गंभीर घायल हो गया। जब वह शाम तक भी घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश की। जंगल में भालू के खेत में वह घायल अवस्था में मिला । इस मामले में घायल के भाई संत कुमार ने सिंघावली अहीर थाने में 30 अक्तूबर को तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 323, 325, 308 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
यह मामला द्वितीय एडीजे एससी/एसटी एक्ट रमेश चंद दिवाकर की कोर्ट में चला। घायल ने अपने बयान दर्ज करा दिए। घटना के एक महीने बाद घायल की मौत हो गई। इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को दोषी मानकर धारा 308 में सात साल सश्रम कारावास एवं प्रत्येक अभियुक्त को दो-दो हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। धारा 325 में पांच साल, दो-दो हजार रुपये, धारा 323 में एक वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के नंगला रवा में छह साल पहले युवक से मारपीट एवं गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में तीन अभियुक्तों को सात साल के सश्रम कारावास से दंडित किया । द्वितीय एडीजे एससी/एसटी एक्ट रमेश चंद दिवाकर की कोर्ट ने सजा सुनाई।
एडीजीसी चश्मवीर सिंह ने बताया कि नंगला रवा गांव में 29 अक्तूबर 2012 में अमरीश पुत्र जनक सिंह को गांव के ही महेंद्र पुत्र शेर सिंह, ओमप्रकाश पुत्र घसीटू, कानू पुत्र नौनिद शराब पिलाने के बहाने बाबू की ट्यूबवेल पर ले गए थे। पहले उसे शराब पिलाई। इसके बाद उसकी पिटाई की। इसमें वह गंभीर घायल हो गया। जब वह शाम तक भी घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश की। जंगल में भालू के खेत में वह घायल अवस्था में मिला । इस मामले में घायल के भाई संत कुमार ने सिंघावली अहीर थाने में 30 अक्तूबर को तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 323, 325, 308 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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यह मामला द्वितीय एडीजे एससी/एसटी एक्ट रमेश चंद दिवाकर की कोर्ट में चला। घायल ने अपने बयान दर्ज करा दिए। घटना के एक महीने बाद घायल की मौत हो गई। इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को दोषी मानकर धारा 308 में सात साल सश्रम कारावास एवं प्रत्येक अभियुक्त को दो-दो हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। धारा 325 में पांच साल, दो-दो हजार रुपये, धारा 323 में एक वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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