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मजदूर बना सड़क पर छोड़ी बिटिया का सहारा
Updated Thu, 17 May 2018 01:00 AM IST
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बागपत। सिसाना गांव में तीन दिन पहले तीन साल की बच्ची को छोड़कर कोई फरार हो गया। बच्ची गलियों में घूम रही थी। ऐसे में उसकी मदद के लिए सामने आया मजदूर जीत सिंह का परिवार। मजदूर के परिवार ने पहले पुलिस को सूचना दी और फिर बच्ची को घर में रख लिया। मजदूर के बच्चों के साथ घुल मिलकर रह रही बिटिया का नया नाम रखा है नैना। ग्रामीणों ने पुलिस से उसके माता-पिता की पता लगाने की मांग की।
दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर रहने वाली सिसाना गांव में जीत सिंह के घर के पास तीन दिन पहले एक बच्ची घूम रही थी। मजदूर की बड़ी बेटी कोमल ने उसे रोते देखा तो घर ले आई। बच्ची कौन है, कहां की रहने वाली है और सिसाना तक कैसे पहुंची, ऐसे किसी भी सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। जीत सिंह ने पुलिस को जानकारी दी, अभी तक पुलिस भी कुछ पता नहीं लगा सकी है। मजदूर की पत्नी राकेश ने परिवार के नए सदस्य का नाम रखा है नैना। अभी तक कोई मासूम की सुध लेने नहीं पहुंचा है। जीत सिंह कहते हैं कि उसकी बड़ी बेटी कोमल ने इस बच्ची को घर में आसरा दिया था अब वह सभी की लाड़ली हो गई हो गई।
उधर, एससीडब्ल्यू के अध्यक्ष राजीव यादव ने कहा कि वह जल्द परिवार के सदस्यों से मिलेंगे। अगर बच्ची को पालना चाहते है तो उन्हें सुपुर्द की जाएगी। अगर नहीं अपने साथ रखना चाहते है तो मेरठ बाल गृह भेज देंगे।
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दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर रहने वाली सिसाना गांव में जीत सिंह के घर के पास तीन दिन पहले एक बच्ची घूम रही थी। मजदूर की बड़ी बेटी कोमल ने उसे रोते देखा तो घर ले आई। बच्ची कौन है, कहां की रहने वाली है और सिसाना तक कैसे पहुंची, ऐसे किसी भी सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। जीत सिंह ने पुलिस को जानकारी दी, अभी तक पुलिस भी कुछ पता नहीं लगा सकी है। मजदूर की पत्नी राकेश ने परिवार के नए सदस्य का नाम रखा है नैना। अभी तक कोई मासूम की सुध लेने नहीं पहुंचा है। जीत सिंह कहते हैं कि उसकी बड़ी बेटी कोमल ने इस बच्ची को घर में आसरा दिया था अब वह सभी की लाड़ली हो गई हो गई।
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उधर, एससीडब्ल्यू के अध्यक्ष राजीव यादव ने कहा कि वह जल्द परिवार के सदस्यों से मिलेंगे। अगर बच्ची को पालना चाहते है तो उन्हें सुपुर्द की जाएगी। अगर नहीं अपने साथ रखना चाहते है तो मेरठ बाल गृह भेज देंगे।
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