{"_id":"5c880430bdec2213e272e66d","slug":"71552417840-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमन-शांति का पैगाम देता है इस्लाम - मौलाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमन-शांति का पैगाम देता है इस्लाम - मौलाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमाल (बागपत)। असारा के मदरसा माहद मुर्शिदुल उम्मत में सालाना जलसा में समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया। बच्चों को शिक्षित करने पर बल दिया।
मुख्य अतिथि बिलासपुर से आए मौलाना मो. इस्माईल सादिक कासमी ने कहा कि आज के समय में दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम भी बहुत जरूरी है। इस्लाम अमन-शांति का पैगाम देता है। आपस में भाईचारे को बढ़ावा दिया जाए। अब चुनाव का समय भी करीब है। इसलिए अपने कीमती वोट का भी इस्तेमाल करे। इस मौके पर दारूल उलूम जलालाबाद के मौलाना मो. यामीन शेखुल हदीस, मौलाना दाऊद हसन, मुफ्ती खलील अहमद कासमी ने भी विचार व्यक्त किए। इसकी अध्यक्षता फूंस वाली मस्जिद बड़ौत के इमाम मौलाना आरिफुल हक ने की। संचालन मौलाना नदीम अख्तर राही ने किया। इस मौके पर कारी मो. तारिक फलाही ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मदरसे के छात्र और छात्राओं को इनाम दिया। इसमें मौलाना मो. मुस्तकीम, मौलाना मो. वकार कारी, मो. खालिद कारी, मो. शाहरून, मास्टर महरबान अली, मास्टर शकील अहमद, मुफ्ती मो. अकरम, कारी नईम अहमद, हाफिज नवाब आदि रहे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि बिलासपुर से आए मौलाना मो. इस्माईल सादिक कासमी ने कहा कि आज के समय में दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम भी बहुत जरूरी है। इस्लाम अमन-शांति का पैगाम देता है। आपस में भाईचारे को बढ़ावा दिया जाए। अब चुनाव का समय भी करीब है। इसलिए अपने कीमती वोट का भी इस्तेमाल करे। इस मौके पर दारूल उलूम जलालाबाद के मौलाना मो. यामीन शेखुल हदीस, मौलाना दाऊद हसन, मुफ्ती खलील अहमद कासमी ने भी विचार व्यक्त किए। इसकी अध्यक्षता फूंस वाली मस्जिद बड़ौत के इमाम मौलाना आरिफुल हक ने की। संचालन मौलाना नदीम अख्तर राही ने किया। इस मौके पर कारी मो. तारिक फलाही ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मदरसे के छात्र और छात्राओं को इनाम दिया। इसमें मौलाना मो. मुस्तकीम, मौलाना मो. वकार कारी, मो. खालिद कारी, मो. शाहरून, मास्टर महरबान अली, मास्टर शकील अहमद, मुफ्ती मो. अकरम, कारी नईम अहमद, हाफिज नवाब आदि रहे।
विज्ञापन