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उच्च प्राथमिक विद्यालयों में होगा जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:28 AM IST
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बागपत। जिले के 191 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम संचालित होगा। इसमें कक्षा सात से आठ तक के छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य एवं खुशहाल जीवन जीने के लिए उनसे जुड़े मुद्दों और सरोकारों पर चर्चा होगी। अरमान मॉड्यूल के अनुसार जानकारियां दी जाएगी। इसके लिए सुगमकर्ताओं की नियुक्त किए गए हैं।
बालिका शिक्षा के प्रभारी नोडल समन्वयक सुमित त्रिपाठी ने बताया कि अगस्त माह से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम संचालित होंगे। इसके लिए शनिवार का दिन निर्धारित किया है। इसमें कक्षा सात और आठ तक के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। वर्तमान समय में किशोर एवं किशोरियों को एक स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन जीने के लिए उनसे जुड़े मुद्दों और सरोकारों पर कार्यक्रम के तहत चर्चा होगी। भारत सरकार द्वारा जेंडर और इक्विटी के मुद्दों पर कार्य करने के लिए फोकस कर योजना संचालित की जा रही है। अरमान मॉड्यूल के अनुसार बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें समाज और स्वास्थ्य से जुड़ी हुई बातें होगी।
उन्होंने बताया कि 28 सत्र संचालित किए जाने हैं। इनमें से 19 सत्र किशोर-किशोरी के लिए और नौ सत्र अभिभावकों के लिए निर्धारित हैं। जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के साथ प्रत्येक शनिवार को सत्र संचालित किया जाएगा। माह का अंतिम शनिवार अभिभावकों के लिए निर्धारित किया है। कार्यक्रम का संचालन जनपद स्तर पर प्रशिक्षित सुगमकर्ता द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई है। 191 विद्यालयों में सुगमकर्ताओं की नियुक्ति कर दी। शनिवार से कार्य शुरू होगा। बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि विद्यार्थियों को सभी तरह का ज्ञान विद्यालयों में कराया जा रहा है। जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम से विभिन्न जानकारी दी जाएगी जो उन्हें दैनिक जीवन में प्राप्त नहीं होती है।
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बालिका शिक्षा के प्रभारी नोडल समन्वयक सुमित त्रिपाठी ने बताया कि अगस्त माह से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम संचालित होंगे। इसके लिए शनिवार का दिन निर्धारित किया है। इसमें कक्षा सात और आठ तक के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। वर्तमान समय में किशोर एवं किशोरियों को एक स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन जीने के लिए उनसे जुड़े मुद्दों और सरोकारों पर कार्यक्रम के तहत चर्चा होगी। भारत सरकार द्वारा जेंडर और इक्विटी के मुद्दों पर कार्य करने के लिए फोकस कर योजना संचालित की जा रही है। अरमान मॉड्यूल के अनुसार बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें समाज और स्वास्थ्य से जुड़ी हुई बातें होगी।
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उन्होंने बताया कि 28 सत्र संचालित किए जाने हैं। इनमें से 19 सत्र किशोर-किशोरी के लिए और नौ सत्र अभिभावकों के लिए निर्धारित हैं। जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के साथ प्रत्येक शनिवार को सत्र संचालित किया जाएगा। माह का अंतिम शनिवार अभिभावकों के लिए निर्धारित किया है। कार्यक्रम का संचालन जनपद स्तर पर प्रशिक्षित सुगमकर्ता द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई है। 191 विद्यालयों में सुगमकर्ताओं की नियुक्ति कर दी। शनिवार से कार्य शुरू होगा। बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि विद्यार्थियों को सभी तरह का ज्ञान विद्यालयों में कराया जा रहा है। जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम से विभिन्न जानकारी दी जाएगी जो उन्हें दैनिक जीवन में प्राप्त नहीं होती है।
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