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कूडा प्रबंधन की योजना में जुटे अफसर
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:28 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
नगर से निकलने वाले कूडे़ को डालने के लिए नगर पालिका के पास स्थान न होने के कारण आए दिन विवाद हो रहा है। अब नगर पालिका अफसरों ने कूड़ा प्रबंधन की योजना बनाई है और केरल की एक कंपनी से बात की है।
नगर में प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, लेकिन इस कूड़े के निस्तारण के लिए पालिका के पास जगह नहीं है। कई बार बावली, फायर स्टेशन की भूमि व अन्य जगह कूड़ा डालने को लेकर नोकझोंक भी हो चुकी है। स्थान न होने के कारण कूड़ा उठाने मेें भी विलंब हो रहा है और गर्मी के चलते कूड़ा न उठने के कारण नगरवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस संबंध में एसडीएम और पालिका के अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि कूड़ा डालने का कोई स्थान नहीं होने के चलते सफाई कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके लिए कूड़ा प्रबंधन की योजना तैयार की है, जिस पर दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए 15 बीघा जमीन भी चयनित की और केरल की एक कंपनी से संपर्क किया, जो कूडे़ से कंपोस्ट खाद सहित अन्य चीजों का उत्पादन करेगी, इससे पालिका की आय भी बढ़ेगी। इसके लिए नगर से बाहर बंजर भूमि को देखा, जहां फिलहाल कूड़ा डालने की व्यवस्था की जाएगी।
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नगर से निकलने वाले कूडे़ को डालने के लिए नगर पालिका के पास स्थान न होने के कारण आए दिन विवाद हो रहा है। अब नगर पालिका अफसरों ने कूड़ा प्रबंधन की योजना बनाई है और केरल की एक कंपनी से बात की है।
नगर में प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, लेकिन इस कूड़े के निस्तारण के लिए पालिका के पास जगह नहीं है। कई बार बावली, फायर स्टेशन की भूमि व अन्य जगह कूड़ा डालने को लेकर नोकझोंक भी हो चुकी है। स्थान न होने के कारण कूड़ा उठाने मेें भी विलंब हो रहा है और गर्मी के चलते कूड़ा न उठने के कारण नगरवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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इस संबंध में एसडीएम और पालिका के अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि कूड़ा डालने का कोई स्थान नहीं होने के चलते सफाई कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके लिए कूड़ा प्रबंधन की योजना तैयार की है, जिस पर दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए 15 बीघा जमीन भी चयनित की और केरल की एक कंपनी से संपर्क किया, जो कूडे़ से कंपोस्ट खाद सहित अन्य चीजों का उत्पादन करेगी, इससे पालिका की आय भी बढ़ेगी। इसके लिए नगर से बाहर बंजर भूमि को देखा, जहां फिलहाल कूड़ा डालने की व्यवस्था की जाएगी।
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